छत्तीसगढ़ पुलिस ने नशे के कारोबार पर एक और बड़ा प्रहार किया है। कबीरधाम और कोरबा जिलों में की गई दो अलग-अलग कार्रवाइयों में पुलिस ने डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक कीमत का गांजा जब्त किया है। इन कार्रवाइयों से साफ हो गया है कि ओडिशा से लेकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैले नशा तस्करी के नेटवर्क पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है।

🚨 कवर्धा: ट्रक के सीक्रेट चैंबर से 50 लाख का गांजा बरामद
कबीरधाम जिले के चिल्फी थाना क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। मुखबिर से मिली सूचना पर जब पंजाब नंबर के ट्रक (PB 02 EJ 3009) को रोका गया और गहन तलाशी ली गई, तो उसमें एक गुप्त चैंबर बरामद हुआ। इस सीक्रेट चैंबर में 2 क्विंटल से अधिक गांजा छिपाया गया था, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए है।
इस दौरान पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया—
- ईश्वर सिंह (झज्जर, हरियाणा)
- रामु सिंह परमार (धौलपुर, राजस्थान)
पकड़े गए आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा किया कि गांजा ओडिशा से दिल्ली ले जाया जा रहा था।
एसपी धर्मेंद्र सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा—
“नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। तस्करों से लेकर उन्हें संरक्षण देने वालों तक पर कठोर कार्रवाई होगी।”

🚨 कोरबा: कंटेनर से मिला 1 करोड़ का गांजा
दूसरी बड़ी कार्रवाई कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने एक माजदा वाहन को चेकिंग के दौरान रोका। जब कंटेनर की तलाशी ली गई तो उसमें से टेप में लिपटे गांजे के कई पैकेट मिले। कुल बरामदगी 500 किलो गांजा रही, जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए आंकी गई है।
इस मामले में पुलिस ने वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह खेप ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोरबा जिले में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ है। माना जा रहा है कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा है और आने वाले दिनों में कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।

📌 लगातार जारी है पुलिस का अभियान
छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। ओडिशा से लगे सीमावर्ती जिलों के रास्ते गांजा तस्करी की कई घटनाएं सामने आती रही हैं। पुलिस ने हाल के दिनों में न केवल तस्करों को पकड़ा है, बल्कि नशे की खेप ले जाने के लिए बनाए गए हाई-टेक तरीकों जैसे सीक्रेट चैंबर, वेल्डिंग पैकिंग और कंटेनर में छिपाव की तकनीक को भी उजागर किया है।

⚖️ सामाजिक संदेश
इन कार्रवाइयों ने यह साबित कर दिया है कि नशा तस्कर कितने भी चालाक तरीके अपनाएं, लेकिन पुलिस की सतर्कता और कड़ी निगरानी से बच पाना आसान नहीं है। पुलिस की सख्ती से जहां नशे का कारोबार प्रभावित होगा, वहीं समाज के युवाओं को भी इस बुराई से बचाने में मदद मिलेगी।