दमोह जिले के हटा ब्लॉक के भाटिया ग्राम पंचायत से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। रविवार देर रात तकरीबन 2:30 बजे तेज बारिश के बीच एक कच्चे मकान की दीवार अचानक ढह गई। हादसे में 42 वर्षीय देवेंद्र लोधी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी पूनम लोधी (38) गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।

कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रविवार की रात देवेंद्र और पूनम अपने कच्चे मकान में सो रहे थे। अचानक जोरदार बारिश शुरू हुई और मकान की जर्जर दीवार भरभराकर गिर पड़ी। दोनों पति-पत्नी मलबे में दब गए। आसपास के लोग बारिश के बीच ही मदद के लिए दौड़े और भारी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। लेकिन तब तक देवेंद्र की सांसें थम चुकी थीं।
अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही पत्नी
गंभीर रूप से घायल पूनम को तुरंत हटा अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए दमोह के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि पूनम को अभी तक उनके पति की मौत की जानकारी नहीं दी गई है, क्योंकि उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ने का खतरा है।

पीछे छूट गए मासूम बच्चे
इस दर्दनाक हादसे में देवेंद्र के दो मासूम बेटे – 15 और 12 साल के – अपने पिता का साया खो बैठे हैं। परिवार अब पूरी तरह मां की जिंदगी और स्वास्थ्य पर निर्भर है। गांव के लोग बताते हैं कि दोनों बच्चे अभी हादसे की गंभीरता को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं, लेकिन घर का माहौल शोक और स्तब्धता से भरा हुआ है।
जीवनयापन का सहारा थी खेती
गांव के सरपंच राजेश पटेरिया ने बताया कि देवेंद्र लोधी के पास लगभग 15 एकड़ कृषि भूमि थी और पूरा परिवार खेती पर ही निर्भर था। खेती ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन थी। अब परिवार के सामने न केवल भावनात्मक संकट है बल्कि आर्थिक चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं।

प्रशासन और शासन की ओर से मदद का आश्वासन
सरपंच राजेश पटेरिया ने कहा कि ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि परिवार के पास संबल कार्ड है, तो शासन की योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

अंतिम संस्कार और गांव का माहौल
हटा में पोस्टमॉर्टम के बाद देवेंद्र का शव परिजनों को सौंप दिया गया। सोमवार को पूरे गांव की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान हर किसी की आंखें नम थीं। ग्रामीणों का कहना था कि देवेंद्र मेहनती और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी असमय मौत से गांव ने एक अच्छा इंसान खो दिया है।

बारिश से बढ़ते हादसे
दमोह सहित पूरे बुंदेलखंड इलाके में बीते दिनों से लगातार बारिश हो रही है। कई जगहों पर पुराने और कच्चे मकान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह हादसे लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं।