इंदौर में सोमवार देर रात दो अलग-अलग सड़क हादसों ने शहर को झकझोर दिया। एक हादसे में सेज यूनिवर्सिटी का 19 वर्षीय छात्र अपनी तेज रफ्तार बाइक डिवाइडर से टकराने के बाद मौत के शिकार हो गया, जबकि दूसरे हादसे में 85 वर्षीय बुजुर्ग एक्टिवा से गिरकर जिंदगी की जंग हार गए।

पहला हादसा: तेज रफ्तार बाइक बनी मौत का कारण
राउ सर्कल के पास बायपास पर यह हादसा हुआ। पुलिस के मुताबिक, शशांक (19) पुत्र ओमप्रकाश निवासी सिलीकॉन सिटी, सोमवार देर रात अपने दोस्त से मिलने ओमेक्स सिटी जा रहा था। बताया जाता है कि उसकी बाइक अत्यधिक तेज रफ्तार में थी। अचानक बैलेंस बिगड़ने पर बाइक डिवाइडर से टकरा गई और शशांक हवा में उछलकर सड़क पर गिर पड़ा।
सिर में गंभीर चोट लगने से उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में पता चला कि शशांक मूल रूप से रीवा का रहने वाला था और वर्तमान में सेज यूनिवर्सिटी से बीबीए सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। उसके दोस्तों ने बताया कि वह रात को अपने दोस्त दीपक से मिलने जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ।
दूसरा हादसा: एक्टिवा से गिरे बुजुर्ग की मौत
इसी रात द्वारकापुरी इलाके में भी एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां 85 वर्षीय ओमप्रकाश पुत्र बाबूलाल चतुर्वेदी अपनी एक्टिवा से जा रहे थे। बताया गया कि चलते वक्त एक्टिवा स्लिप हो गई और वह सड़क पर बुरी तरह गिर पड़े।
स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
शहर में सड़क हादसों की बढ़ती रफ्तार
इंदौर जैसे बड़े शहर में तेज रफ्तार वाहन और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी लगातार जानलेवा साबित हो रही है। खासतौर पर युवा वर्ग में स्पीड का क्रेज और बिना हेलमेट गाड़ी चलाने की आदतें हादसों को न्योता दे रही हैं। वहीं, बुजुर्गों के लिए सड़क पर हल्की सी चूक भी जिंदगी का अंत साबित हो सकती है।
पुलिस की अपील
राउ और द्वारकापुरी पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है और आमजन से अपील की है कि वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें, हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें।