गुना, 03 सितंबर 2025: मध्य प्रदेश के गुना जिले के चांचौड़ा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक प्रधान आरक्षक पर नकली सोना घोटाले से जुड़े एक युवक को जिंदा जलाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित चंदन गुर्जर गंभीर रूप से झुलस गया है और भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। इस मामले ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि नकली सोना घोटाले और अपराधियों की सांठगांठ को भी उजागर किया है।

ग्राम कुलंबेह निवासी चंदन पुत्र छीतर गुर्जर ने चांचौड़ा थाने में तैनात प्रधान आरक्षक सुरेंद्र भील पर गंभीर आरोप लगाया है। चंदन के अनुसार, 31 अगस्त को सुरेंद्र ने थाना परिसर में बने अपने सरकारी क्वार्टर के बाहर उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस हमले में चंदन का शरीर गले से कमर तक बुरी तरह झुलस गया। उसे तत्काल चांचौड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गुना जिला अस्पताल और फिर भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल रेफर किया गया।
चंदन ने बताया कि उसने सुरेंद्र भील को एक नकली सोना घोटाले से संबंधित मामले को सुलझाने के लिए 1 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। यह राशि चंदन ने अपने छोटे भाई लाड सिंह की शादी के लिए जमा की थी। चंदन का आरोप है कि सुरेंद्र ने न तो उसका काम किया और न ही पैसे लौटाए। जब चंदन ने अपने पैसे वापस मांगे, तो सुरेंद्र ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, गाली-गलौज की और थाने में बंद करने की धमकी दी। 31 अगस्त को जब चंदन पैसे मांगने सुरेंद्र के क्वार्टर पर गया, तो सुरेंद्र ने कथित तौर पर अपने बेटे की मदद से उसे पकड़ा और पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

यह पूरा मामला एक नकली सोना घोटाले से शुरू हुआ। कुछ महीने पहले फतेहगढ़ क्षेत्र के लंकेश पंडित और चांचौड़ा क्षेत्र के मांगीलाल गुर्जर एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बंद थे। जेल में उनकी दोस्ती हुई, जहां लंकेश ने मांगीलाल को सस्ते में सोना दिलाने का लालच दिया। जेल से छूटने के बाद मांगीलाल ने यह बात चंदन गुर्जर और अन्य लोगों को बताई। चंदन और चार अन्य लोगों ने मिलकर 6 लाख रुपये इकट्ठा किए और लंकेश से 20 तौला सोना खरीदा। लेकिन जब सोने की जांच कराई गई, तो वह नकली निकला।
सूत्रों के अनुसार, यह सौदा गैर-कानूनी तरीके से हुआ था और इसका कोई लिखित प्रमाण नहीं था। ठगी का शिकार हुए चंदन और उसके साथियों ने पैसे वापस पाने के लिए चांचौड़ा थाने में तैनात प्रधान आरक्षक सुरेंद्र भील से संपर्क किया। सुरेंद्र ने कथित तौर पर मामले को सुलझाने का वादा करके चंदन से 1 लाख रुपये लिए, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की।

इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा यह है कि नकली सोना घोटाले का मुख्य आरोपी लंकेश पंडित पहले भी ऑनर किलिंग के एक मामले में शामिल रहा है। नवंबर 2023 में लंकेश ने अपनी 19 वर्षीय भांजी की हत्या कर दी थी, क्योंकि उसे उसका प्रेम संबंध पसंद नहीं था। लंकेश ने अपने भाई के साथ मिलकर भांजी की हत्या की और शव को जंजाली इलाके के नारायणपुरा शक्कर कारखाने में फेंक दिया था। पुलिस ने आठ दिन बाद इस मामले का खुलासा किया और लंकेश को गिरफ्तार किया था।
चंदन के छोटे भाई लाड सिंह गुर्जर, जो जोधपुर में काम करता है, ने बताया कि चंदन ने उसकी शादी के लिए पैसे जमा किए थे। अप्रैल 2025 में होने वाली उसकी शादी मार्च में सुरेंद्र को दिए गए 1 लाख रुपये के कारण टल गई। लाड सिंह के अनुसार, सुरेंद्र ने आठ दिन में पैसे लौटाने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बात से चंदन मानसिक रूप से बेहद परेशान था, जिसके चलते वह बार-बार सुरेंद्र से पैसे मांगने गया।
चंदन की शिकायत के बाद मंगलवार को चांचौड़ा थाने में प्रधान आरक्षक सुरेंद्र भील के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। यह प्रकरण सब इंस्पेक्टर मोहर सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ है। चांचौड़ा SDOP मनोज कुमार झा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, सुरेंद्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।

चंदन ने इस मामले की शिकायत चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची को भी दी है, जिन्होंने पीड़ित को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
इस घटना ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक पुलिसकर्मी पर रिश्वत लेने और हत्या का प्रयास जैसे संगीन आरोप लगना पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करता है। साथ ही, नकली सोना घोटाले जैसे अपराधों का बढ़ना और जेल में अपराधियों की सांठगांठ चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरेंद्र भील की इलाके में दबंग छवि थी और वह पुलिस के रसूख का इस्तेमाल करके लोगों को धमकाता था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और वे इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

चंदन गुर्जर भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है। उसकी स्थिति स्थिर लेकिन नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने इस मामले में जांच तेज कर दी है और लंकेश पंडित और मांगीलाल गुर्जर जैसे अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह मामला गुना जिले में अपराध और भ्रष्टाचार की जटिल गुत्थी को उजागर करता है, जिसके लिए निष्पक्ष और त्वरित जांच की जरूरत है।