कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारियों ने किया गणेश विसर्जन स्थलों का निरीक्षण !

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गणेशोत्सव का समापन अब समीप है और इसी के साथ गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियाँ पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. के निर्देश पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न विसर्जन स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण दल में अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती आरती यादव, संयुक्त कलेक्टर श्री अमन मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव यूइके, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश सिन्हा सहित संबंधित विभागों के कई अधिकारी और नगर निगम के जिम्मेदार कर्मचारी शामिल रहे।


सुरक्षित और व्यवस्थित विसर्जन पर जोर

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विशेष रूप से लेदरहारा नाका स्थित बड़ी नदी और अन्य प्रमुख विसर्जन स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर कड़े निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बताया कि विसर्जन स्थलों पर नाव, गोताखोर, हाइड्रोलिक मशीनें, बैरीकेटिंग, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा, रात के समय श्रद्धालुओं को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रकाश व्यवस्था पर भी खास ध्यान देने के निर्देश दिए गए।


पुलिस बल की तैनाती

गणेश विसर्जन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि विसर्जन क्रमबद्ध और शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो, इसके लिए पुलिस बल चौकसी के साथ तैनात रहेगा।

भीड़ वाले स्थलों पर मैटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर भी लगाए जाएंगे, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।


चकरा घाट पर विशेष व्यवस्था

अधिकारियों ने बताया कि चकरा घाट पर नगर निगम द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। यहां ट्रैक्टर-ट्रॉली की सहायता से गणेश प्रतिमाओं को एकत्रित किया जाएगा और फिर पूरी श्रद्धा, पूजा-अर्चना के साथ उन्हें वैकल्पिक नदी स्थल पर विसर्जित किया जाएगा।

यह व्यवस्था इस उद्देश्य से की गई है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और प्रतिमाओं का विसर्जन पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न हो सके।


पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

गणेश प्रतिमा विसर्जन के साथ जुड़ा पर्यावरणीय पक्ष भी प्रशासन की बड़ी प्राथमिकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्लास्टर ऑफ पेरिस, पेंट और केमिकल से बनी मूर्तियां जल स्रोतों को प्रदूषित करती हैं। इसलिए नगर निगम और प्रशासन मिलकर वैकल्पिक स्थलों पर प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था कर रहा है।

इसके अलावा, पर्यावरण मित्र प्रतिमाओं को बढ़ावा देने के लिए भी अपील की जा रही है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी प्रतिमाओं को प्राथमिकता दें, जिससे नदियों और तालाबों को प्रदूषण से बचाया जा सके।


श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने साफ कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि हर विसर्जन स्थल पर अस्थायी मेडिकल कैंप बनाए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए अलग से सुरक्षा इंतजाम रखने की बात कही गई।


जनसहयोग का महत्व

अधिकारियों ने इस अवसर पर नागरिकों से भी अपील की कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करें। विसर्जन के दौरान धक्का-मुक्की, अव्यवस्था या अनुशासनहीनता से बचें और प्रशासन द्वारा बनाए गए निर्देशों का पालन करें।

नगर निगम ने विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और उनसे सहयोग की अपेक्षा जताई।


धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

गणेश विसर्जन भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा है। दस दिनों तक घरों और पंडालों में स्थापित गणपति बप्पा को श्रद्धालु पूरे मनोयोग से पूजा-अर्चना करने के बाद जल में विसर्जित करते हैं। यह परंपरा “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” की भावनाओं के साथ मनाई जाती है।

इस बार प्रशासन का प्रयास है कि यह धार्मिक पर्व पूरी श्रद्धा के साथ-साथ सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के साथ संपन्न हो।


कलेक्टर की सख्त हिदायत

कलेक्टर संदीप जी. आर. ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विसर्जन से जुड़े प्रत्येक बिंदु पर बारीकी से ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि “गणेश विसर्जन हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे हम सबकी जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराएं।”

कलेक्टर ने साफ कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।


सागर प्रशासन ने गणेश विसर्जन को लेकर व्यापक तैयारी की है। सुरक्षा, सफाई, स्वास्थ्य और पर्यावरण सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई गई हैं। अधिकारियों के निरीक्षण और सख्त निर्देशों से स्पष्ट है कि इस बार विसर्जन समारोह पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित माहौल में सम्पन्न होगा।

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