सागर, 06 सितम्बर 2025।
शहरी क्षेत्र में सड़कों और खुली जगहों पर निवास करने वाले निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों के स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन अब गंभीर कदम उठा रहा है। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देश पर शनिवार को विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला होमगार्ड कार्यालय परिसर में लगाया गया, जिसमें खेल परिसर और आसपास निवासरत परिवारों तथा उनके बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

संयुक्त कलेक्टर ने संभाली कमान
इस स्वास्थ्य परीक्षण शिविर की निगरानी संयुक्त कलेक्टर श्री अमन मिश्रा ने की। उन्होंने बताया कि कलेक्टर के निर्देश थे कि सड़कों और खाली स्थानों पर निवासरत परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण प्राथमिकता से किया जाए। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर शिविर का आयोजन किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भागीदारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों की विस्तृत जांच की। इसमें सामान्य स्वास्थ्य जांच, ब्लड प्रेशर, शुगर, टीकाकरण की स्थिति, महिलाओं और बच्चों से संबंधित परीक्षण शामिल रहे। कई बच्चों और बुजुर्गों को तत्काल दवाइयां प्रदान की गईं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से निःशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया, ताकि गरीब परिवारों को राहत मिल सके। टीम ने परामर्श देते हुए लोगों को नियमित जांच कराने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी।

महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल
संयुक्त कलेक्टर अमन मिश्रा ने बताया कि प्रशासन केवल स्वास्थ्य परीक्षण तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा और पोषण पर भी काम करेगा। सड़क किनारे या अस्थायी बस्तियों में रहने वाले छोटे-छोटे बच्चे, जो विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें आंगनबाड़ी और स्कूलों में नामांकित किया जा रहा है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग विशेष अभियान चला रहा है।
बच्चों के भविष्य पर विशेष ध्यान
अमन मिश्रा ने कहा –
“यह प्रशासन की प्राथमिकता है कि कोई भी बच्चा शिक्षा और पोषण से वंचित न रहे। सड़क किनारे रहने वाले बच्चों को भी वही अवसर मिलें जो समाज के अन्य बच्चों को उपलब्ध हैं।”
उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य परीक्षण शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर इन परिवारों को अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मानवता और सेवा का उदाहरण
इस शिविर ने प्रशासन की संवेदनशीलता को प्रदर्शित किया है। आमतौर पर उपेक्षित रहने वाले ये परिवार अब सरकारी सेवाओं की मुख्यधारा में आएंगे। स्वास्थ्य परीक्षण, दवाओं का वितरण और बच्चों का नामांकन जैसे कदम न केवल तात्कालिक राहत देंगे बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होंगे।
निष्कर्ष
कलेक्टर संदीप जी.आर. के निर्देश पर किया गया यह प्रयास सागर जिले में एक सकारात्मक सामाजिक पहल है। इससे न केवल सड़क किनारे रहने वाले परिवारों के स्वास्थ्य की सुरक्षा होगी, बल्कि उनके बच्चों को शिक्षा और पोषण की मुख्यधारा से भी जोड़ा जा सकेगा। प्रशासन का यह कदम समाज के वंचित वर्गों को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।