सागर, 07 सितंबर 2025: सागर के कृषि अनुसंधान केंद्र के पास स्थित कृषि वैज्ञानिक मयंक मेहरा के क्वार्टर में रविवार सुबह एक खतरनाक मेहमान ने दस्तक दी। सुबह करीब 6 बजे, मयंक मेहरा ने अपने कमरे में सोफे के नीचे छिपा एक 5 फीट लंबा जहरीला कोबरा देखा। सांप को देखते ही वैज्ञानिक तुरंत बाहर निकले और पड़ोसियों को सूचित किया। इसके बाद स्थानीय स्नेक कैचर बबलू पवार को बुलाया गया, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। इस रेस्क्यू के बाद वैज्ञानिक के परिवार और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली।

कोबरा का रेस्क्यू: स्नेक कैचर की तत्परता
सूचना मिलते ही स्नेक कैचर बबलू पवार तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सांप सोफे के नीचे छिपा हुआ था, जिसके कारण उसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण था। बबलू ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और कुछ ही देर में कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद सांप को वन विभाग की देखरेख में सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया। बबलू ने बताया, “पकड़ा गया कोबरा करीब 5 फीट लंबा था और बेहद जहरीला था। इसका डंक जानलेवा हो सकता है। सावधानी और अनुभव के कारण हम इसे सुरक्षित पकड़ पाए।”
कोबरा की खतरनाक प्रजाति
भारत के चार सबसे जहरीले सांपों में शामिल कोबरा अपनी विषाक्तता और फन फैलाने की विशेषता के लिए जाना जाता है। बबलू पवार ने बताया कि कोबरा का जहर तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, और समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा हो सकता है। सागर में बारिश और उमस के कारण सांपों का बाहर निकलना आम हो गया है, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ गया है।
बारिश और उमस से बढ़ा सांपों का खतरा
स्नेक कैचर बबलू पवार ने बताया कि मानसून के मौसम में बारिश और उमस के कारण सांपों के बिल पानी से भर जाते हैं, जिससे वे सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों या आसपास के क्षेत्रों में आ जाते हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि घर और आसपास साफ-सफाई रखें, रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें, और झाड़ियों या कचरे से बचें, क्योंकि ये सांपों को आकर्षित करते हैं।
लोगों में राहत, सतर्कता की अपील
कोबरा के रेस्क्यू के बाद कृषि अनुसंधान केंद्र के कर्मचारियों और आसपास के लोगों में राहत का माहौल है। मयंक मेहरा ने स्नेक कैचर और पड़ोसियों की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की। उन्होंने कहा, “सांप को देखकर हम डर गए थे, लेकिन बबलू पवार ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया।” स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां सांपों का खतरा अधिक है।

सांपों से बचाव के उपाय
स्नेक कैचर बबलू पवार ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
- घर के आसपास कचरा और घास जमा न होने दें।
- रात में बाहर निकलते समय जूते पहनें और टॉर्च का उपयोग करें।
- सांप दिखने पर उसे छेड़ने की कोशिश न करें और तुरंत स्नेक कैचर या वन विभाग को सूचित करें।
- बच्चों को खुले मैदानों या झाड़ियों में खेलने से रोकें।
निष्कर्ष
सागर में हुई इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान सांपों के खतरे को उजागर किया है। बबलू पवार जैसे अनुभवी स्नेक कैचर की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। स्थानीय निवासियों से अपील है कि वे बारिश और उमस के मौसम में विशेष सावधानी बरतें और सांपों से संबंधित किसी भी स्थिति में तुरंत विशेषज्ञों की मदद लें।