खुरई, 07 सितंबर 2025: मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई देहात थाना क्षेत्र के वनखिरिया गांव में शनिवार रात एक अजीबोगरीब घटना सामने आई। बाड़ौली गांव के सरपंच भरत कोरी (34) शराब के नशे में सड़क किनारे खेत के कीचड़ में गिर गए और करीब चार घंटे तक वहीं पड़े रहे। स्थानीय लोगों ने खेत में “लाश” पड़े होने की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद खुरई देहात पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सरपंच को कीचड़ से निकाला और उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचाया।

नशे में कीचड़ में गिरे सरपंच
जानकारी के अनुसार, भरत कोरी शराब के आदी हैं और शनिवार रात उन्होंने अधिक मात्रा में शराब का सेवन किया। नशे की हालत में वह अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी वनखिरिया गांव के पास सड़क किनारे खेत के कीचड़ में गिर गए। नशे के कारण वह बेहोश हो गए और घंटों तक कीचड़ में ही पड़े रहे। उनकी बाइक पास ही खड़ी थी, जिसे देखकर राहगीरों ने अनहोनी की आशंका जताई और खुरई देहात थाने को सूचना दी।
पुलिस का त्वरित रेस्क्यू
सूचना मिलते ही खुरई देहात थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। शुरुआत में ग्रामीणों को लगा कि खेत में पड़ा व्यक्ति मृत है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भरत कोरी को कीचड़ से बाहर निकाला। जांच के दौरान पता चला कि वह मृत नहीं, बल्कि शराब के नशे में बेहोश थे। पुलिस ने उनकी स्थिति की जांच की और पाया कि उनकी हालत गंभीर नहीं है। इसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया।

ग्रामीणों में चर्चा का विषय
इस घटना ने वनखिरिया और बाड़ौली गांव में चर्चा का माहौल बना दिया। स्थानीय लोगों ने सरपंच के इस व्यवहार पर हैरानी जताई, क्योंकि एक जनप्रतिनिधि से ऐसी उम्मीद नहीं की जाती। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि शराब की लत के कारण सरपंच की यह हालत हुई, और इस घटना ने गांव में जिम्मेदार नेतृत्व की जरूरत को फिर से उजागर किया।
पुलिस का बयान
खुरई देहात थाना प्रभारी ने बताया, “हमें सूचना मिली थी कि वनखिरिया गांव के पास खेत में एक व्यक्ति की लाश पड़ी है। हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पाया कि बाड़ौली के सरपंच भरत कोरी नशे की हालत में कीचड़ में पड़े थे। हमने उन्हें सुरक्षित निकाला और उनके परिवार को सौंप दिया। उनकी स्थिति सामान्य है।” पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई आपराधिक घटना नहीं पाई गई।
शराब की लत और सामाजिक चिंता
यह घटना शराब की लत और इसके सामाजिक प्रभावों पर सवाल उठाती है। विशेष रूप से, एक जनप्रतिनिधि का इस तरह का व्यवहार ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शराब की बिक्री और सेवन पर सख्ती की जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों।
निष्कर्ष
खुरई देहात के वनखिरिया गांव में हुई इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को चौंकाया, बल्कि जिम्मेदार नेतृत्व और शराब की लत जैसे मुद्दों पर चर्चा को भी जन्म दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सरपंच की जान बच गई, लेकिन यह घटना समाज में जागरूकता और सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती है। प्रशासन और समुदाय को मिलकर ऐसे मामलों को रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।