सागर जिले के देवरी में 7 सितंबर 2025 को “ग्राम समृद्धि संवर्धन योजना” के तहत तीन दिवसीय वीपीआरपी (विलेज पॉवर्टी रिडक्शन प्लान) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा देवरी के सीटीसी (कम्युनिटी ट्रेनिंग सेंटर) में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आगामी 2 अक्टूबर 2025 को होने वाली ग्राम सभा के लिए जीपीडीपी (ग्राम पंचायत विकास योजना) तैयार करना है। इस योजना के माध्यम से ग्राम स्तर पर प्रत्येक परिवार की आजीविका, हकदारी, और सामाजिक-आर्थिक संसाधनों के विकास को सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई जा रही है।

प्रशिक्षण का उद्देश्य और महत्व
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि ग्राम समृद्धि संवर्धन योजना का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामवासी की खुशहाली सुनिश्चित करना है। इसके लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) में विभिन्न विभागों की योजनाओं को एकीकृत (कन्वर्जेंस) करते हुए प्रत्येक हितग्राही को लाभ पहुंचाने की रणनीति तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया में ग्राम स्तर पर कार्यरत सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (सीआरपी), संकुल स्तरीय फेडरेशन, और ग्राम स्तरीय संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
प्रशिक्षण में यह जोर दिया गया कि योजना निर्माण में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए:
- कृषि और आजीविका: कृषि यंत्र, बीज, टपक सिंचाई, पॉलीहाउस, मल्चिंग, मसाला फसलों का उत्पादन, प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, विपणन, और परिवहन व्यवस्था।
- स्थानीय संसाधनों का उपयोग: गांव के प्राकृतिक और मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग।
- सामाजिक और आर्थिक विकास: शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर कार्य।
- महिला सशक्तिकरण: महिला समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना ताकि उनकी आवाज ग्राम सभा में प्रतिनिधित्व पा सके।
ग्राम सभा के लिए परामर्श बैठक
प्रशिक्षण में बताया गया कि योजना तैयार होने के बाद गांव के सभी सम्मानित व्यक्तियों की उपस्थिति में एक परामर्श बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संकुल स्तरीय फेडरेशन और ग्राम स्तरीय फेडरेशन के सदस्य योजना के मुख्य बिंदुओं को प्रस्तुत करेंगे। यह प्रक्रिया ग्राम सभा में पारदर्शिता और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देगी। विशेष रूप से, महिला समूहों की भागीदारी से उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

तकनीकी प्रशिक्षण और डिजिटल प्रक्रिया
तीन दिवसीय प्रशिक्षण में सीआरपी को तकनीकी जानकारी भी प्रदान की गई, जिसमें पोर्टल पर कार्य करने की विधि, डाटा एंट्री, और रिपोर्टिंग प्रक्रिया शामिल थी। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी प्रतिभागी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर योजनाओं से संबंधित जानकारी को सटीक और समयबद्ध तरीके से दर्ज कर सकें। प्रशिक्षण का संचालन श्री गोपाल पटेल, श्री मुकेश नामदेव, श्री आनंद झा, श्री अभिषेक टुंडेल, और श्री केशव विश्वकर्मा ने किया।
सामुदायिक भागीदारी और समावेशी दृष्टिकोण
यह प्रशिक्षण ग्राम समृद्धि संवर्धन योजना के तहत एक समावेशी दृष्टिकोण को अपनाने पर केंद्रित था। सीआरपी और फेडरेशन के सदस्यों को यह निर्देश दिया गया कि वे ग्रामवासियों के साथ गहन चर्चा करें और उनकी आवश्यकताओं को समझकर योजनाएं तैयार करें। विशेष रूप से, कृषि आधारित परिवारों की जरूरतों, जैसे कि आधुनिक कृषि तकनीकों और विपणन सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, सामाजिक और आर्थिक संसाधनों के विकास के लिए स्थानीय संसाधनों का उपयोग और विभिन्न विभागों की योजनाओं का एकीकरण भी इस अभियान का मुख्य हिस्सा है।
ग्राम सभा की तैयारी
आगामी 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा में जीपीडीपी को प्रस्तुत किया जाएगा। यह योजना ग्राम स्तर पर विकास की दिशा में एक रोडमैप के रूप में काम करेगी। प्रशिक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि सीआरपी और अन्य हितधारक इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि ग्राम सभा में सभी हितग्राहियों की आवाज शामिल हो सके।
निष्कर्ष
सागर जिले के देवरी में आयोजित यह तीन दिवसीय वीपीआरपी प्रशिक्षण ग्राम समृद्धि संवर्धन योजना के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के इस प्रयास से ग्राम स्तर पर समावेशी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा मिलेगा। सीआरपी, संकुल और ग्राम स्तरीय संगठनों की भागीदारी से प्रत्येक परिवार की खुशहाली सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यह अभियान न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि सामाजिक समावेशन और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगा।