सिवनी में रक्षाबंधन की नाराजगी बनी हत्या का कारण: आरोपी ने किए चौंकाने वाले खुलासे

Spread the love

सिवनी, 8 सितंबर 2025: सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र के ग्राम कूडो बुधवारा में 19 वर्षीय सत्येंद्र उइके की हत्या के मामले में जबलपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष धुर्वे उर्फ बिहारी (19) सहित चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आशीष ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि उसने अपनी बहन के बॉयफ्रेंड सत्येंद्र की हत्या रक्षाबंधन के दिन बहन द्वारा राखी न बांधने की नाराजगी के कारण की थी। इस मामले में हत्या के बाद आरोपी चेन्नई भाग गए थे, जहां से पुलिस ने उन्हें सागर से गिरफ्तार किया।

रक्षाबंधन की नाराजगी बनी हत्या की वजह

जबलपुर पुलिस की पूछताछ में आशीष ने बताया कि उसकी 17 वर्षीय नाबालिग बहन और सत्येंद्र उइके के बीच प्रेम संबंध थे। एक साल पहले आशीष ने सत्येंद्र को अपनी बहन के साथ घूमते देखा था और उसे चेतावनी दी थी कि वह उससे दूर रहे। इसके बाद आशीष नौकरी के लिए भोपाल चला गया। इस साल 7 अगस्त को रक्षाबंधन के लिए वह अपने गांव कूडो बुधवारा आया था। उसी दौरान उसने फिर से सत्येंद्र को अपनी बहन के साथ बात करते देखा, जिससे वह गुस्से में आ गया।

आशीष ने सत्येंद्र को जान से मारने की धमकी दी और अपनी बहन के साथ मारपीट की। इससे नाराज होकर उसकी बहन ने 9 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन उसे राखी बांधने से इंकार कर दिया। परिवार वालों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन बहन ने कहा कि आशीष ने बिना वजह सत्येंद्र के साथ गाली-गलौज की और उसे धमकी दी, इसलिए वह राखी नहीं बांधेगी। इससे आशीष को गहरा सदमा लगा और उसने अपने दोस्तों हेमराज, ब्रजेश, सचिन, और शिवदीन के साथ मिलकर सत्येंद्र की हत्या की योजना बनाई।

हत्या की साजिश और जंगल में वारदात

आशीष और उसके दोस्तों ने 15 अगस्त को सत्येंद्र की हत्या का प्लान बनाया। ब्रजेश ने सत्येंद्र को फोन कर मंडला घूमने का बहाना बनाया और उसे अपने साथ बाइक पर ले गया। शाम को जब वे बीघा के घने जंगल में पहुंचे, वहां आशीष, हेमराज, और शिवदीन पहले से मौजूद थे। सत्येंद्र को अकेला पाकर पांचों ने उस पर लात-घूंसे बरसाए। आशीष ने गुस्से में सत्येंद्र का गला दबा दिया और कहा, “इस जन्म में तू मेरी बहन से बहुत दूर जा रहा है।” इसके बाद उन्होंने शव को जंगल में फेंक दिया, यह सोचकर कि कोई इसे खोज नहीं पाएगा।

बहन की सूचना से खुला राज

15 अगस्त को जब ब्रजेश और सचिन सत्येंद्र को बाइक पर ले जा रहे थे, तब आशीष की बहन ने उन्हें देख लिया था। जब सत्येंद्र 16 अगस्त को गांव में नहीं दिखा, तो उसके परिवार ने घंसौर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। इस दौरान आशीष और उसके साथी भी थाने गए थे, लेकिन बाद में वे फरार हो गए। किशोरी ने पुलिस को बताया कि उसने सत्येंद्र को सचिन और ब्रजेश के साथ जाते देखा था। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने सचिन को हिरासत में लिया, जिसने हत्या की बात कबूल कर ली।

जंगल में मिला शव, चेन्नई में बेचा मोबाइल

20 अगस्त को बीघा के घने जंगल में चरवाहों को एक सड़े हुए शव से बदबू आई। उन्होंने बरगी नगर चौकी प्रभारी सरिता पटेल को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा किया। शव की पहचान करना मुश्किल था, लेकिन हाथ में कड़ा और राखी के आधार पर सत्येंद्र के परिवार ने उसकी शिनाख्त की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।

पुलिस को पता चला कि हत्या के बाद आशीष, हेमराज, ब्रजेश, और शिवदीन चेन्नई भाग गए थे। आशीष ने सत्येंद्र का मोबाइल बेचकर वहां पार्टी की थी। 6 सितंबर को बरगी पुलिस ने सागर से आशीष और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। शनिवार को उन्हें जबलपुर लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां आशीष को एक दिन की रिमांड पर लिया गया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

जबलपुर पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले सचिन को हिरासत में लिया। उसकी निशानदेही पर आशीष, हेमराज, ब्रजेश, और शिवदीन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हत्या में और कौन-कौन शामिल था और क्या कोई अन्य कारण भी इस वारदात के पीछे था। बरगी पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी नाबालिग नहीं हैं, और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

निष्कर्ष

सिवनी जिले में सत्येंद्र उइके की हत्या का यह मामला रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार से जुड़ी नाराजगी और व्यक्तिगत रंजिश का दुखद परिणाम है। आशीष की बहन के राखी न बांधने से उपजा गुस्सा एक युवक की जान लेने का कारण बन गया। जबलपुर पुलिस की तत्परता से इस मामले का खुलासा हुआ और सभी आरोपी गिरफ्तार किए गए। यह घटना समाज में पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों में संवाद और समझ की कमी को दर्शाती है, जिसे दूर करने की आवश्यकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *