फरीदाबाद, 8 सितंबर 2025: हरियाणा के फरीदाबाद जिले की ग्रीनफील्ड कॉलोनी में सोमवार तड़के एक चार मंजिला इमारत में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 3 बजे पहली मंजिल पर एक स्प्लिट एयर कंडीशनर (AC) के कंप्रेसर में विस्फोट के बाद लगी आग से दूसरी मंजिल पर रहने वाले एक परिवार के तीन सदस्यों—सचिन कपूर (50), उनकी पत्नी रिंकू कपूर (48), और उनकी बेटी सुजान कपूर (13)—की दम घुटने से मौत हो गई। परिवार के बेटे आर्यन कपूर (24) ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन उसे गंभीर चोटें आईं। परिवार ने छत पर भागकर बचने की कोशिश की थी, लेकिन गेट बंद होने के कारण वे वापस कमरे में लौट आए, जहां वे बेहोश हो गए। इस हादसे ने इमारत की पुरानी वायरिंग और अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

हादसे का विवरण: AC विस्फोट से शुरू हुई त्रासदी
फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि ग्रीनफील्ड कॉलोनी के हाउस नंबर 787, डी ब्लॉक में यह हादसा सोमवार तड़के करीब 3 बजे हुआ। चार मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर रहने वाले राकेश मलिक के फ्लैट में एक स्प्लिट AC के कंप्रेसर में शॉर्ट सर्किट के कारण विस्फोट हुआ, जिससे आग भड़क गई। इस आग से निकला गहरा धुआं दूसरी मंजिल पर रहने वाले सचिन कपूर के फ्लैट में घुस गया। सचिन, उनकी पत्नी रिंकू, और बेटी सुजान उस समय सो रहे थे। धुएं से उनका दम घुटने लगा, जिसके बाद वे घबराहट में छत की ओर भागे।
हालांकि, छत का गेट बंद होने के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके और वापस अपने कमरे में लौट आए। इस बीच, सचिन, रिंकू, और सुजान धुएं के कारण बेहोश हो गए। परिवार के बेटे आर्यन ने हिम्मत दिखाते हुए दूसरी मंजिल की खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन नीचे गिरने से उसके हाथ और पैरों में फ्रैक्चर हो गए। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

पड़ोसियों की प्रतिक्रिया और फायर ब्रिगेड का प्रयास
पहली मंजिल पर रहने वाली रितु मलिक ने बताया कि सुबह करीब 3:15 बजे उनकी आंख खुली तो उन्होंने AC में आग की लपटें देखीं। वह अपनी बेटी जानवी के साथ सो रही थीं, जबकि उनका बेटा और पति दूसरे कमरे में थे। आग देखते ही उन्होंने अपने परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला और चौथी मंजिल पर रहने वाले रजत गोयल को सूचित किया। रजत ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को फोन किया। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की, लेकिन तब तक सचिन कपूर और उनके परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो चुकी थी।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने अचेत अवस्था में मिले सचिन, रिंकू, और सुजान को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बीके अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

इमारत की पुरानी वायरिंग पर सवाल
रितु मलिक ने बताया कि चार मंजिला इमारत का मालिक राकेश यादव है। पहली मंजिल पर वह खुद रहते हैं, दूसरी मंजिल पर सचिन कपूर का परिवार, तीसरी मंजिल पर सचिन का स्टॉक ट्रेडिंग ऑफिस, और चौथी मंजिल पर रजत गोयल का परिवार रहता है। रितु ने आरोप लगाया कि इमारत की वायरिंग पुरानी और खराब थी, जिसके बारे में उन्होंने मालिक को कई बार सूचित किया था। राकेश यादव ने कुछ दिनों में वायरिंग बदलने का वादा किया था, लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया।
रितु ने यह भी बताया कि हाल ही में पहली मंजिल के AC को ठीक करवाया गया था, लेकिन इसके बावजूद शॉर्ट सर्किट से आग भड़क गई। विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी वायरिंग और AC के लगातार उपयोग से इस तरह के हादसे हो सकते हैं।

सचिन कपूर और उनका परिवार
सचिन कपूर पिछले पांच वर्षों से ग्रीनफील्ड कॉलोनी के इस मकान में किराए पर रह रहे थे। वह घर से ही स्टॉक ट्रेडिंग का काम करते थे और तीसरी मंजिल पर उनका ऑफिस था। उनकी बेटी सुजान (13) सेक्टर 82 के शिव नदर स्कूल में पढ़ती थी, जबकि बेटा आर्यन (24) देहरादून में पढ़ाई करता है। हाल ही में देहरादून में बाढ़ और बारिश के कारण वह अपने परिवार के साथ फरीदाबाद में रह रहा था। इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया, और आर्यन अब गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
पुलिस जांच और अग्नि सुरक्षा पर सवाल
फरीदाबाद पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया है जो AC यूनिट और इमारत की वायरिंग की जांच करेगी। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने कहा, “हम इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जाएगा कि हादसे की वजह तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य कारण।”
इस हादसे ने इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी को भी उजागर किया है। छत का गेट बंद होना और पुरानी वायरिंग इस हादसे को और घातक बना दिया। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन ऐसी इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों को अनिवार्य करे और नियमित जांच करवाए।

निष्कर्ष
ग्रीनफील्ड कॉलोनी में हुआ यह हादसा एक परिवार की त्रासदी के साथ-साथ समाज और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। AC जैसे उपकरणों का लंबे समय तक उपयोग, पुरानी वायरिंग, और अग्नि सुरक्षा की कमी इस तरह के हादसों को न्योता दे सकती है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि AC की नियमित सर्विसिंग, वायरिंग की जांच, और इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों को लागू करना जरूरी है। सचिन कपूर के परिवार की यह दुखद हानि पूरे समुदाय को झकझोर गई है, और अब यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, आर्यन कपूर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ, उनके परिवार को इस दुखद स्थिति में सहायता प्रदान करने की जरूरत है।