ईद मिलादुन्नबी रैली में नारेबाजी से भड़का विवाद : हिंदू संगठनों का पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन

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सागर। ईद मिलादुन्नबी की वाहन रैली के दौरान लगे “सर तन से जुदा” जैसे नारे अब शहर की सियासत और सामाजिक माहौल में गरमाहट पैदा कर रहे हैं। सोमवार को शिवसेना, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू महासेना, हिंदू जागरण मंच सहित कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बरसते पानी के बीच सड़क पर उतर आए।
गिरती बूंदाबांदी में संगठनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सिन्हा को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि शहर का माहौल बिगाड़ने वाले अराजक तत्वों पर रासुका लगाई जाए और उनके घरों पर बुलडोज़र चलाकर कार्रवाई की जा


तिरंगे के अपमान का आरोप

हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि रैली के दौरान मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का भी अपमान किया। संगठनों ने मांग की कि मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष और सदस्यों पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए
शिवसेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने कहा –
“तिरंगे का अपमान करने वालों पर अभी तक मुकदमा दर्ज न होना पुलिस की बड़ी नाकामी है। जब तक कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक माहौल बिगाड़ने की साजिशें रुकेंगी नहीं।”


चक्काजाम और दुकानों के बंद कराने का मामला

हिंदू जागरण मंच के डॉ. उमेश सराफ ने आरोप लगाया कि कटरा मस्जिद इलाके में अराजक तत्वों ने चक्काजाम कर जबरन दुकानें बंद करवाईं। उनका कहना है कि इस घटना में शामिल सभी लोगों पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाना चाहिए।


कार्यकर्ताओं के घर पर हमला

शिवसेना जिला प्रमुख दीपक सिंह लोधी ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष विकास चौरसिया के घर में घुसकर कुछ लोगों ने तोड़फोड़ और मारपीट की। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था की नाकामी है, बल्कि हिंदू समाज पर सीधा हमला है। उन्होंने मांग की कि आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो।


लव जिहाद और साजिश की आशंका

हिंदू महासेना अध्यक्ष कौशल यादव ने कहा कि शहर में “लव जिहाद” के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने वाले नारे और घटनाओं की साजिश सदर के 12 मुहाल क्षेत्रों में रची गई है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए।
वहीं कपिल स्वामी ने कहा कि हिंदू समाज के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिस पर रोक लगाना जरूरी है।


रासुका और बुलडोज़र की मांग

ज्ञापन में संगठनों ने साफ कहा कि जो लोग शहर का माहौल बिगाड़ रहे हैं, उन्हें किसी भी तरह की राहत नहीं मिलनी चाहिए।

  • उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कठोर कार्रवाई हो।
  • उनके सरकारी राशन-पानी की सुविधा बंद की जाए।
  • और अवैध निर्माण पर बुलडोज़र चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल

बरसते पानी के बावजूद पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। इनमें शिवसेना जिला प्रभारी विकास सिंह, शिवसेना जिला संगठन प्रमुख हेमराज आलू, पंकज दुबे, आशुतोष तिवारी, शशांक ठाकुर, ब्रजेंद्र पटेल, शिवशंकर दुबे, धर्मेंद्र यादव, देवराज शुक्ला, महेंद्र पटवा, सचिन जैन, गौरव बड़कुल, अजीत जैन, रवि राज, विकास शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


प्रशासन पर दबाव

लगातार हो रहे प्रदर्शनों और आक्रोश के बीच प्रशासन पर अब कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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