आर्ट एवं कॉमर्स कॉलेज की छात्राओं को डिग्री के साथ मिलेगा ब्यूटीशियन ट्रेनिंग का लाभ

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अब शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगी बेटियां

सागर, 09 सितम्बर 2025

शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा के साथ रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया द्वार खुल गया है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के मार्गदर्शन और स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. प्रतिभा जैन के निर्देशन में संचालित अल्पावधि रोजगार उन्मुखी कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं को प्रोफेशनल ब्यूटीशियन और ब्राइडल मेकअप का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण 20 अगस्त से प्रारंभ हुआ है और 20 सितम्बर को इसका समापन होगा। इस दौरान लगभग 80 छात्राएं इसमें भाग ले रही हैं और ब्यूटीशियन के क्षेत्र की आधुनिक तकनीकें सीख रही हैं।


नई शिक्षा नीति के तहत आत्मनिर्भरता की पहल

मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्राओं को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्वरोजगार और व्यावसायिक कौशल से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें और अपने दम पर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।


क्या सीख रही हैं छात्राएं?

सागर की अनुभवी ब्यूटीशियन सलमा खान द्वारा संचालित इस प्रशिक्षण में छात्राओं को ब्यूटीशियन और ब्राइडल मेकअप से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जानकारी दी जा रही है।
इसमें शामिल हैं –

  • आइब्रो डिजाइनिंग
  • हेयर कटिंग
  • वैक्सिंग और थ्रेडिंग
  • हेयर स्टाइलिंग
  • ब्राइडल एवं पार्टी मेकअप
  • त्वचा और बालों की देखभाल से संबंधित आधुनिक तकनीकें

छात्राओं में उत्साह और सीखने की ललक

डॉ. प्रतिभा जैन ने बताया कि छात्राओं में इस कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह है। वे प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं और विभिन्न ब्यूटी-टेक्निक्स को सीखने में गहरी रुचि दिखा रही हैं। छात्राओं का मानना है कि यह प्रशिक्षण उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाएगा।


छात्राओं की प्रतिक्रियाएं

कई छात्राओं ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि –

  • यह प्रशिक्षण उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक कदम और आगे ले जाएगा।
  • भविष्य में पढ़ाई पूरी करने के बाद भी वे इस कौशल को साइड बिजनेस या पूर्णकालिक रोजगार के रूप में उपयोग कर सकेंगी।
  • शादी-विवाह और सामाजिक आयोजनों में इस क्षेत्र की बड़ी मांग रहती है, इसलिए रोजगार की संभावना हमेशा बनी रहती है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल

महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल छात्राओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हैं, बल्कि समाज में भी उन्हें आत्मनिर्भर महिला के रूप में स्थापित करते हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान साबित होगी।


निष्कर्ष

शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर का यह प्रयास छात्राओं के लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता का संगम बन रहा है। यह प्रशिक्षण न केवल उन्हें रोजगारपरक कौशल प्रदान करेगा, बल्कि आने वाले समय में वे स्वयं भी रोजगार सृजनकर्ता बनकर अन्य युवतियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।

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