सागर: राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा – नेत्र दाताओं के परिजनों का सम्मान और जागरूकता कार्यक्रम संपन्न

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सागर, 09 सितम्बर 2025 – बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी) सागर के नेत्र रोग विभाग और आई बैंक द्वारा 8 सितंबर को राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मरणोपरांत नेत्रदान करने वाले दाताओं के परिजनों को स्मृति चिन्ह और एप्रीसिएशन सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बीएमसी डीन डॉ. पीएस ठाकुर, अधीक्षक डॉ. राजेश जैन, नेत्र रोग विभाग के एचओडी डॉ. प्रवीण खरे, आई बैंक इंचार्ज डॉ. सारिका चौहान और विभिन्न समाजसेवी मौजूद थे।

कार्यक्रम में सागर विधायक श्री शैलेंद्र जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़कर नेत्र दान दाताओं के परिजनों को उनके पुण्य कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इनके योगदान से सागर क्षेत्र के 15 लोगों ने कॉर्निया प्रत्यारोपण (Cornea Transplantation) के माध्यम से अंधेरे से उजाले की ओर कदम बढ़ाया।

बीएमसी डीन का संदेश:
डॉ. पीएस ठाकुर ने उपस्थित समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे नेत्र दान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करें। उन्होंने बताया कि बीएमसी में कॉर्निया प्रत्यारोपण की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है और इसमें सभी उपकरण और तकनीकी साधन उपलब्ध हैं।

आई बैंक और कॉर्निया प्रत्यारोपण:
एचओडी डॉ. प्रवीण खरे ने कहा कि आई बैंक को कॉर्निया प्रत्यारोपण की अनुमति मिलने के बाद, सागर और आसपास के क्षेत्रों के 10 लोगों ने मरणोपरांत नेत्रदान किया। इस दान से कुल 15 लोगों को रोशनी मिली। आई बैंक इंचार्ज डॉ. सारिका चौहान ने बताया कि नेत्र दान पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर तक आयोजित किया गया। इस दौरान मेडिकल छात्रों ने नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, सर्वे और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को मरणोपरांत नेत्र दान के लिए जागरूक किया।

जागरूकता कार्यक्रम और बच्चों में शिक्षा:
मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि पखवाड़े के दौरान मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने स्कूलों के बच्चों को नजर की कमी, विटामिन ए की कमी, ग्लूकोमा, डायबिटिक नेत्र रोग, आंख की चोट और नेत्र दान के विषय में शिक्षित किया। कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवियों ने भी लोगों को मरणोपरांत नेत्रदान के लिए प्रेरित किया।

सम्मानित दाताओं के परिजन:
आई बैंक को अनुमति मिलने के बाद जिन 10 व्यक्तियों ने मरणोपरांत नेत्रदान किया, उनके परिजन सम्मानित किए गए। इनमें स्व. ऋषभ बड़कुल, स्व. जगदीश प्रसाद अग्रवाल, स्व. अजेंद्र सिंह, स्व. अरुण गोदरे, स्व. चम्पा जैन, स्व. शांति गुप्ता, स्व. सीताराम चौरसिया, स्व. ज्ञानचंद पिंजवानी, स्व. केदारनाथ केसरवानी और स्व. गुलाबचंद जैन के परिजन शामिल थे।

मुख्य अतिथियों और उपस्थित लोग:
कार्यक्रम में विधायक श्री शैलेंद्र जैन, बीएमसी डीन डॉ. पीएस ठाकुर, अधीक्षक डॉ. राजेश जैन, विभिन्न समाजसेवी श्री प्रकाश चौबे, श्री आलोक अग्रवाल, श्री विनोद गुप्ता, श्रीमती प्रीति सिंह, श्री मनोहर चौरसिया, श्री सिंघई जी, विभागाध्यक्ष और अन्य कर्मचारी तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। डॉ. रोशी जैन ने सभी दानदाताओं के परिजनों, समाजसेवियों और उपस्थित गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

समाप्ति संदेश:
इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल नेत्रदान की महत्ता को समझाया गया, बल्कि समाज में दान और सेवा की भावना को भी बढ़ावा मिला। इससे यह संदेश गया कि मरणोपरांत नेत्रदान कर किसी के जीवन में उजाला लाया जा सकता है और ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।

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