50 खंडपीठों ने किए 3976 प्रकरणों का निराकरण !

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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आज जिला न्यायालय सागर सहित सभी तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुल 50 खंडपीठों का गठन किया गया, जिनमें 3976 प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामे के आधार पर किया गया। इन मामलों में कुल ₹16,92,01,148/- (सोलह करोड़ बानवे लाख एक हजार एक सौ अड़तालीस रुपये) की राशि का अवार्ड पारित हुआ।

शुभारंभ और उद्बोधन

मुख्य जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सागर के अध्यक्ष श्री महेश कुमार शर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री अखिलेश कुमार मिश्र, विशेष न्यायाधीश एवं को-ऑर्डिनेटर श्री प्रदीप सोनी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अंकित श्रीवास्तव, अधिवक्ता परिषद की सह-अध्यक्ष श्रीमती रश्मि ऋतु जैन, सदस्य श्री राजेश पांडेय, अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी, बैंक, बीमा कंपनियों एवं विद्युत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

अपने उद्बोधन में प्रधान जिला न्यायाधीश श्री शर्मा ने कहा कि लोक अदालतें आमजन के लिए न्याय प्राप्त करने का सबसे सुलभ और सस्ता माध्यम हैं। इससे पक्षकारों का समय और धन दोनों की बचत होती है।

निराकृत प्रकरणों का विवरण

  • 1773 लंबित प्रकरण एवं 2203 प्री-लिटिगेशन प्रकरण का निराकरण किया गया।
  • मोटर दुर्घटना के 155 मामलों में ₹3,55,27,231/- की क्षतिपूर्ति राशि का अवार्ड पारित हुआ।
  • चैक बाउंस के 302 मामलों में ₹6,67,97,480/- की राशि पर समझौता हुआ।
  • आपराधिक प्रकृति के 724 प्रकरण, विद्युत के 199, पारिवारिक विवाद के 138, दीवानी व अन्य 247, बैंक रिकवरी के 3 प्रकरण निपटाए गए।
  • प्री-लिटिगेशन में बैंक के 237 प्रकरण, विद्युत विभाग के 274, नगर निगम के 1056 एवं अन्य 600 मामलों का निराकरण किया गया, जिनसे ₹3,46,70,121/- का राजस्व प्राप्त हुआ।

लोक अदालत की सफलता की कहानियाँ

  1. माया प्रजापति बनाम रामाधार तिवारी – बिना बीमा वाले वाहन से हुई दुर्घटना में मृतक के परिजनों को ₹16,00,000 एवं घायल गेंदालाल प्रजापति को ₹50,000 की प्रतिकर राशि दिलाई गई। यह समझौता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जेल में निरुद्ध प्रतिवादी की उपस्थिति में कराया गया।
  2. जानकी पटेल बनाम प्रेमसिंह राजपूत – ₹21 लाख से अधिक वसूली के प्रकरण में आपसी सुलह के आधार पर ₹11,00,000 की प्रतिकर राशि दिलाई गई।
  3. कमलेश घोषी बनाम रूद्रप्रताप सिंह – बिना बीमा वाहन के मामले में ₹1,40,000 की प्रतिकर राशि पर समझौता कराया गया।
  4. परिवार न्यायालय का प्रकरण – आवेदिका एवं अनावेदक के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद में न्यायाधीश श्री अखिलेश कुमार मिश्र की समझाइश से दोनों पक्ष साथ रहने के लिए सहमत हुए।

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