सागर में ट्रैक्टर पर बैठकर फ्रूट फॉरेस्ट का निरीक्षण

Spread the love

स्व सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और 10,000 फलदार पौधों का रोपण कर हरित भविष्य की दिशा में कदम

सागर, 14 सितम्बर 2025।
कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशानुसार जिले में फ्रूट फॉरेस्ट परियोजना के निगरानी और विकास कार्य में तेजी लाई जा रही है। इसी कड़ी में जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक के.वी. ने ट्रैक्टर पर बैठकर बरोदा सागर में स्थित फ्रूट फॉरेस्ट स्थल का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण लगभग 7 किलोमीटर तक ट्रैक्टर सवार होकर किया गया।

इस दौरान एसडीएम श्री रोहित वर्मा, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री साहित्य तिवारी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राम सोनी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।


फ्रूट फॉरेस्ट का विवरण

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के.वी. ने बताया कि बरोदा सागर में नगर विकासखंड के अंतर्गत 25 एकड़ भूमि में 10,000 फलदार पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों में मुख्य रूप से आम, जामुन, अमरूद और अन्य फलदार पौधे शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सभी फ्रूट फॉरेस्ट स्थलों पर ड्रिप सिस्टम लगाया गया है, जिससे पौधों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध होगा। इसके अलावा फेंसिंग का कार्य भी किया गया है ताकि पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


महिला सशक्तिकरण और स्व सहायता समूह

कलेक्टर की मंशा के अनुरूप, फ्रूट फॉरेस्ट स्थलों की देखभाल और संरक्षण कार्य स्व सहायता समूह की महिलाओं, पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल हरित क्षेत्र का संरक्षण नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना भी है।

जिला पंचायत के अधिकारी ने बताया कि आने वाले समय में फलदार पौधों के माध्यम से महिला सदस्यों की आय में वृद्धि और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।


ग्राम पंचायत और स्थानीय सहभागिता

सभी फ्रूट फॉरेस्ट स्थलों में ग्राम पंचायतों का योगदान भी लिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और पौधों की देखभाल सुनिश्चित करने में मदद करेंगी।

जिले के सभी विकासखंडों में फ्रूट फॉरेस्ट स्थलों की निगरानी के लिए एसडीएम और जनपद पंचायत के सीईओ को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।


फ्रूट फॉरेस्ट का उद्देश्य

  • जिले में हरित आवरण बढ़ाना और फलदार पौधों के माध्यम से स्थानीय आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना।
  • स्व सहायता समूह की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना
  • पौधारोपण के माध्यम से जिले में पर्यावरण संरक्षण और सतत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना।
  • सभी फ्रूट फॉरेस्ट स्थलों की सुरक्षा और रखरखाव सुनिश्चित करना

कलेक्टर की दिशा में प्रशासनिक सक्रियता

कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी विकासखंडों में फ्रूट फॉरेस्ट परियोजना का सतत निरीक्षण और संरक्षण किया जाएगा। इससे न केवल हरित भविष्य सुनिश्चित होगा, बल्कि स्थानीय महिलाओं और समुदायों की आर्थिक स्थिति में सुधार भी आएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *