इंदौर। शहर के लसूडिया थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। एक निजी कोरियर कंपनी में कार्यरत 35 वर्षीय कर्मचारी ओमप्रकाश मेहरा ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार और पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा तो ओमप्रकाश फंदे पर लटका हुआ मिला। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।

ऐसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, ओमप्रकाश रोजाना की तरह सोमवार शाम को काम से लौटकर घर आए। इसके बाद वे अपने कमरे में चले गए। रात को उनकी पत्नी ने उन्हें खाने के लिए कई बार आवाज दी, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। काफी देर तक जवाब न मिलने पर परिजनों को चिंता हुई।
पत्नी ने अपने पिता (ओमप्रकाश के ससुर) को बुलाया और पड़ोसियों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का नजारा देखकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। ओमप्रकाश फंदे पर लटके हुए थे। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
भाई ने बताया – न मानसिक तनाव, न आर्थिक परेशानी
ओमप्रकाश के छोटे भाई सचिन मेहरा ने बताया कि वे पिछले तीन साल से एक निजी कोरियर कंपनी में नौकरी कर रहे थे। परिवार में पत्नी और पांच छोटे बच्चे हैं। भाई के मुताबिक, ओमप्रकाश को न तो कोई मानसिक परेशानी थी और न ही कोई गंभीर आर्थिक संकट।
परिवारजन इस घटना से पूरी तरह सदमे में हैं, क्योंकि घर में कभी किसी तरह का विवाद या तनाव नहीं हुआ। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला, जिससे आत्महत्या की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है।
पुलिस की जांच जारी
लसूडिया पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिजनों और सहकर्मियों से बयान लिए जा रहे हैं। मोबाइल और अन्य निजी सामान की भी जांच की जाएगी ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह सामने आ सके।
इलाके में शोक की लहर
कै लोद कांकड़ क्षेत्र के लोग इस घटना से दुखी हैं। पड़ोसियों का कहना है कि ओमप्रकाश हंसमुख स्वभाव के व्यक्ति थे और अक्सर बच्चों के साथ खेलते नजर आते थे। पांच छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने से पूरा मोहल्ला व्यथित है।
निष्कर्ष
इंदौर का यह मामला कई सवाल छोड़ गया है। जब न आर्थिक संकट था, न मानसिक परेशानी, तो आखिर किस मजबूरी ने एक जिम्मेदार पिता को यह कदम उठाने पर मजबूर किया? पुलिस की जांच से सच्चाई सामने आएगी, लेकिन फिलहाल पांच मासूम बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है और परिवार गहरे सदमे में है।