इंदौर में दर्दनाक हादसा: 8 साल का मासूम नाले में बहा, 4 घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव

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इंदौर, 18 सितंबर 2025

इंदौर शहर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे से गमगीन हो गया। मायाखेड़ी क्षेत्र के ओमेक्स सिटी के पास बने बड़े नाले में बुधवार देर रात एक 8 वर्षीय मासूम बच्चा तेज बहाव में बह गया। लगातार सर्चिंग के बाद गुरुवार सुबह करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे का शव पुल के नीचे फंसा मिला।

हादसा कैसे हुआ

बुधवार शाम 8 वर्षीय राजवीर मालवीय अपने पिता राजपाल मालवीय (सिक्योरिटी गार्ड) के साथ घर के पास मौजूद था। पिता वाहन खड़ा करने के लिए थोड़ी दूरी पर गए और बेटे को नाले किनारे बने ओटले पर बैठा दिया। करीब 10 मिनट बाद जब वे लौटकर आए तो राजवीर वहां से गायब था। परिजन और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

SDRF और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही लसूडिया पुलिस और SDRF टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, देर रात तेज बारिश और नाले में उफान के कारण सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं हो सका। पानी का बहाव इतना तेज था कि टीम के लिए अंदर उतरना खतरनाक साबित हो सकता था।

गुरुवार तड़के सुबह 5 बजे दोबारा सर्च अभियान शुरू किया गया। SDRF जवानों ने रस्सियों की मदद से नाले के भीतर उतरकर तलाशी अभियान चलाया। लगभग 9 बजे राजवीर का शव घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर मुक्तिधाम के पास बने पुल के नीचे फंसा हुआ मिला।

शव को बाहर निकालने में टीम को लगभग चार घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।

इकलौता बेटा खोने से सदमे में परिवार

पुलिस के मुताबिक, प्राथमिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि राजवीर का पैर फिसल गया और वह सीधे नाले में जा गिरा। राजवीर अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चे की मौत की खबर फैलते ही पूरे मोहल्ले में मातम छा गया।

लोगों ने जताई नाराजगी, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नाले के पास सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद नाले पर सुरक्षा दीवार या रेलिंग जैसी व्यवस्था नहीं की गई। हर साल बारिश के मौसम में ऐसे हादसों का खतरा मंडराता रहता है, लेकिन नगर निगम और प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं देते।

पुलिस का बयान

थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और परिजनों को सौंप दिया जाएगा। SDRF की टीम ने काफी कठिनाई के बाद बच्चे को बाहर निकाला। प्रशासन ने घटना की जांच और भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का आश्वासन दिया है।

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