इंदौर, 18 सितंबर 2025
इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक 20 वर्षीय युवक ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। यह घटना स्कीम नंबर 140 की बताई जा रही है। युवक का नाम बाबू बौरासी था।

कैसे हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक बाबू रात करीब 1 बजे दोस्तों से मिलकर घर लौटा था। उस समय पिता-पत्नी और बहन घर पर सो रहे थे। बड़ी बहन ने दरवाजा खोला और बाबू सीधे अपने कमरे की ओर चला गया। सब कुछ सामान्य लग रहा था।
करीब डेढ़ बजे बाबू के पिता पम्मू बौरासी पानी पीने के लिए उठे और किचन की ओर गए। वहां का नजारा देखकर वे दंग रह गए। उनका बेटा बाबू फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। यह दृश्य देखकर पिता की चीख निकल गई। उन्होंने तुरंत बेटी और पत्नी को उठाया और पुलिस को खबर दी।
मोबाइल नहीं चलाता था, गुस्से में रहता था
परिजनों के मुताबिक बाबू न तो किसी प्रेम संबंध में था और न ही किसी आर्थिक संकट में। पिता ने बताया कि करीब छह महीने पहले बाबू ने अपना मोबाइल फोन तोड़ दिया था और उसके बाद से उसने मोबाइल का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया था। हालांकि, वह स्वभाव से गुस्सैल रहता था और कई बार छोटी-छोटी बातों पर भड़क जाता था।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलने पर तिलक नगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को एमवाय अस्पताल पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने प्राथमिक जांच में आत्महत्या की पुष्टि की है। साथ ही, बाबू के दोस्तों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि उसके मन में आत्महत्या जैसा कदम उठाने की वजह क्या रही होगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
20 साल की उम्र में बेटे को इस तरह खो देने से परिवार गहरे सदमे में है। पिता का कहना है कि बाबू अक्सर चुपचाप रहता था लेकिन कभी सोचा भी नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगा। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया और परिवार को सांत्वना दी।
बढ़ते आत्महत्या के मामले और सवाल
इंदौर जैसे बड़े शहर में आए दिन आत्महत्या की घटनाएँ सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि युवा वर्ग में तनाव, गुस्सा, अकेलापन और संवादहीनता आत्महत्या के पीछे मुख्य कारण बन रहे हैं। बाबू का मामला भी कहीं न कहीं मानसिक दबाव और गुस्से से जुड़ा माना जा रहा है।