भोपाल11 घंटे पहल
- तारीख: 26 सितंबर
- स्थान: एम्स भोपाल
- उद्देश्य:
- प्रदेश और मध्य भारत के मरीजों को सस्ती, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना।
- अस्पताल की मौजूदा सेवाओं को और मरीज-केंद्रित बनाना।
- भविष्य की चिकित्सा तकनीकों और सुविधाओं पर रोडमैप तैयार करना।

2. अमृत फार्मेसी पर निर्भरता कम करना
- अभी तक मरीजों को ज्यादातर दवाइयां अमृत फार्मेसी के जरिए मिलती थीं।
- बैठक में निर्णय लिया गया कि एम्स अब सीधे अपनी सेंट्रलाइज्ड फार्मेसी को मजबूत करेगा।
- इसका मतलब:
- अस्पताल खुद दवाइयां और आवश्यक उपकरण खरीद सकेगा।
- मरीजों को दवाइयां तेजी से और कम दाम पर उपलब्ध होंगी।
- सप्लाई चेन का दबाव घटेगा और दवाइयों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
3. नई सुविधाओं पर चर्चा
- गामा नाइफ टेक्नोलॉजी: मस्तिष्क की जटिल बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक रेडियोसर्जरी।
- ट्रॉमा ब्लॉक: सड़क हादसों और आपात स्थितियों में त्वरित उपचार की सुविधा।
- भविष्य में और भी आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ उपचार इकाइयों को शामिल करने का लक्ष्य।

4. मरीज-केंद्रित सुधार
बैठक में मरीजों की जरूरतों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया:
- अस्पताल आने वाले मरीजों का प्रतीक्षा समय कम करना।
- रजिस्ट्रेशन से लेकर जांच और दवा वितरण तक की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना।
- अस्पताल में दवाओं की निरंतर उपलब्धता।
- डॉक्टर और विभागों के बीच बेहतर समन्वय।
- अस्पताल प्रबंधन प्रणाली को डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाना।
5. नेतृत्व और भागीदारी
- बैठक का नेतृत्व प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार महापात्रा (अध्यक्ष) ने किया।
- प्रमुख उपस्थित अधिकारी:
- प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर – कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ
- प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी – डीन (अकादमिक)
- प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता – चिकित्सा अधीक्षक
- श्री संदेश कुमार जैन – उप निदेशक (प्रशासन)
- इनके अलावा शासकीय निकाय के अन्य वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे।

6. उत्कृष्टता की दिशा में कदम
- एम्स भोपाल ने लक्ष्य रखा है कि वह सभी नए एम्स संस्थानों में प्रथम स्थान हासिल करे।
- इसके लिए:
- आधुनिक तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल होगा।
- विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा।
- डॉक्टरों और स्टाफ के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जाएगा।
7. मरीजों को मिलने वाले लाभ
बैठक में बने निर्णयों के लागू होने से –
- मध्यप्रदेश और मध्य भारत के नागरिकों को बेहतर, त्वरित और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
- अस्पताल पहुंचने से लेकर उपचार पाने तक की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और सहज होगी।
- गंभीर बीमारियों और आपातकालीन स्थितियों में भी उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध हो सकेगा।
8. व्यापक महत्व
- यह बैठक केवल एम्स भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह केंद्रीय भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को ऊपर ले जाने का रोडमैप है।
- अमृत फार्मेसी पर निर्भरता घटाकर और सेंट्रलाइज्ड फार्मेसी को मजबूत कर, यह मॉडल अन्य एम्स और सरकारी अस्पतालों के लिए भी मार्गदर्शक बन सकता है।