उज्जैन। बदलते दौर में तकनीक के क्षेत्र में तेजी से बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए उज्जैन जिले में युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोले जा रहे हैं। आईटीआई उज्जैन में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, 3D प्रिंटिंग और वेब 3.0 जैसी आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे युवाओं को उद्योगों में सीधे रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
कलेक्टर Roshan Kumar Singh की अध्यक्षता में प्रशासनिक संकुल भवन में जिला कौशल समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री Mohan Yadav की मंशा के अनुरूप जिले में स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके।
इस पहल के तहत UtkarshUjjain.com पोर्टल के माध्यम से युवाओं को रजिस्ट्रेशन कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एमपीआईडीसी, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और जिला उद्योग केंद्र (DIC) आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जानकारी दी गई कि 12वीं पास युवाओं को 2 महीने का प्रशिक्षण और मूल्यांकन पूरा करने के बाद सोलर इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। वहीं 10वीं पास युवाओं को भी 2 महीने के प्रशिक्षण के बाद गारमेंट इंडस्ट्री में नौकरी मिलने की संभावना है। इस योजना का उद्देश्य कम शिक्षित युवाओं को भी रोजगार के योग्य बनाना है।

इसके अलावा, आईटीआई उज्जैन में Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana 4.0 के अंतर्गत नए युग के कोर्स शुरू किए गए हैं। इनमें AI, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, 3D प्रिंटिंग और वेब 3.0 जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की शिक्षा दी जा रही है। इन कोर्सेस का मकसद युवाओं को वैश्विक स्तर के उद्योगों के लिए तैयार करना है, ताकि वे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में रोजगार की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकते हैं। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान आयोजित 10 रोजगार और स्वरोजगार युवा संगम मेलों में 1779 आवेदकों का प्रारंभिक चयन किया गया है। इसके अलावा 214 छात्रों को अप्रेंटिसशिप के अवसर मिले हैं, जबकि 2313 आवेदकों को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया गया है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि युवाओं को केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी मिले। उन्होंने कहा कि उद्योगों की जरूरतों के अनुसार स्किल विकसित करना जरूरी है, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को तुरंत रोजगार मिल सके।
इस पहल से उज्जैन जिले के हजारों युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है। इससे वे न केवल नौकरी प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में भी योगदान दे सकेंगे।
कुल मिलाकर, उज्जैन में शुरू की गई यह स्किल डेवलपमेंट पहल आधुनिक तकनीकों के साथ युवाओं को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में रोजगार के नए आयाम स्थापित कर सकती है।