भोपाल। ब्राह्मण बेटियों को लेकर दिए विवादित बयान से पहले ही घिरे IAS और अजाक्स के प्रदेश अध्यक्ष संतोष वर्मा ने अब हाईकोर्ट पर सीधी टिप्पणी कर नया बवाल खड़ा कर दिया है। अजाक्स सम्मेलन के एक वीडियो में वर्मा कहते दिख रहे हैं कि—
“एसटी वर्ग के बच्चों को सिविल जज कोई और नहीं, बल्कि हाईकोर्ट नहीं बनने दे रहा है। यही हाईकोर्ट है, जिससे हम बाबा साहब के संविधान के हिसाब से चलने की गारंटी मांगते हैं।”
उनका यह बयान सामने आते ही प्रदेश की राजनीति और सामाजिक माहौल में जबरदस्त गरमाहट आ गई है।

क्या कहा वर्मा ने?
अजाक्स सम्मेलन में बोलते हुए IAS वर्मा ने परीक्षाओं में SC-ST वर्ग के चयन न होने पर न्यायपालिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया—
- सिविल जज परीक्षा में SC-ST वर्ग को जानबूझकर फेल किया जाता है।
- परीक्षाओं में “50% कटऑफ क्रॉस न करने” के लिए “49.95 नंबर” दिए जाते हैं।
- इंटरव्यू में भी “20 की जगह 19.5” नंबर देकर रोक लगाई जाती है।
- “ये कौन कर रहा है? यह हमारा हाईकोर्ट कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि जब हमारे समाज का बेटा सिविल जज ही नहीं बन पाएगा तो आगे चलकर हाईकोर्ट-जज बनने की उम्मीद कैसे की जाए।
पहले से ही विवादों में वर्मा
23 नवंबर को अजाक्स के प्रांतीय सम्मेलन में अध्यक्ष चुने जाने के बाद IAS वर्मा ने कहा था—
“जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।”
इसके बाद मंगलवार को आए एक और वीडियो में वे कहते दिखे—
“कितने संतोष वर्मा को जलाओगे, मारोगे, निगल जाओगे… अब हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा।”
लगातार विवादित बयानों के चलते ब्राह्मण समाज और कई सवर्ण संगठन उनके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

सवर्ण समाज की बड़ी तैयारी: 14 दिसंबर को CM हाउस घेराव
IAS वर्मा पर कार्रवाई न होने से नाराज सवर्ण समाज ने 14 दिसंबर को भोपाल स्थित सीएम हाउस घेरने का ऐलान किया है।
सोशल मीडिया पर वायरल अपील में कहा गया—
- “हमारे धर्म, संस्कृति और अस्मिता पर हमला बर्दाश्त नहीं।”
- “एससी-एसटी एक्ट जैसे काले कानून खत्म किए जाएं।”
- “संतोष वर्मा को बर्खास्त कर सख्त सजा दी जाए।”
- “ऑपरेशन बगावत और ऑपरेशन अस्मिता के तहत CM हाउस पहुंचें।”
आज (गुरुवार) भोपाल में सवर्ण समाज की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें आंदोलन की रणनीति तय होगी।
ब्राह्मण समाज की बैठक 11 दिसंबर को
मंत्रालय अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा कि संवैधानिक मर्यादा तोड़ने वाले IAS संतोष वर्मा पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
इसी मुद्दे पर 11 दिसंबर को सर्व ब्राह्मण संगठनों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें बड़े आंदोलन की रूपरेखा बनी जाएगी।

सरकार पर सवाल — कार्रवाई क्यों नहीं?
विरोधी संगठनों का आरोप है कि लगातार विवादित बयान देने के बावजूद सरकार IAS संतोष वर्मा पर कोई कदम नहीं उठा रही, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।
अब हाईकोर्ट पर की गई टिप्पणी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।