मुरैना जिले में नेशनल हाईवे-44 पर शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब कबाड़ और रद्दी से भरे एक ट्रक में अचानक आग लग गई। घटना छौंदा टोल प्लाजा के पास हुई, जहां आग लगने के बाद ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि चालक और हेल्पर ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार, आयशर कैंटर (MP 06 GA 1411) धौलपुर की ओर से आ रहा था और उसमें कबाड़, रद्दी और बर्तन भरे हुए थे। जब ट्रक छौंदा टोल प्लाजा से करीब 100 मीटर पहले पहुंचा, तभी उसमें अचानक आग लग गई। शुरू में आग छोटी थी, लेकिन देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया।

आग लगते ही चालक ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और ट्रक को सड़क से नीचे की ओर मोड़ दिया, ताकि अन्य वाहनों को नुकसान न पहुंचे। लेकिन इसी दौरान ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के दौरान चालक और हेल्पर ने तेजी से सूझबूझ दिखाते हुए ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली।
घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन ट्रक में भरे ज्वलनशील कबाड़ और रद्दी के कारण आग तेजी से फैलती गई और बुझाना मुश्किल हो गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। आग की गंभीरता को देखते हुए दो दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
दमकल विभाग के अनुसार, ट्रक में भरी रद्दी और कबाड़ आग को लगातार सुलगाए रख रहे थे, जिससे आग बुझाने में समय लगा। यदि समय रहते दमकल नहीं पहुंचती, तो आग और भी भयानक रूप ले सकती थी और आसपास के क्षेत्र में फैल सकती थी।

घटना के दौरान हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए।
सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रक में कबाड़ भरा हुआ था और चलते-चलते उसमें आग लग गई। उन्होंने कहा कि फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य वजह से लगी।
पुलिस इस मामले में चालक और हेल्पर से भी पूछताछ कर रही है, ताकि घटना की पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही ट्रक के मालिक और माल की प्रकृति के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वाहनों में ज्वलनशील सामग्री ले जाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ट्रक की नियमित जांच, वायरिंग की स्थिति और लोडिंग के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
यह घटना एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को उजागर करती है। समय रहते चालक की सूझबूझ और दमकल विभाग की तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, वरना स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।