भोपाल | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 2 और 3 जनवरी को मध्यभारत प्रांत के भोपाल विभाग केंद्र में दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। यह प्रवास संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में आयोजित प्रवास श्रृंखला का हिस्सा है। इस दौरान डॉ. भागवत समाज के विभिन्न वर्गों से सीधे संवाद करेंगे और संघ की 100 वर्षों की यात्रा, सामाजिक परिस्थितियां और देश-समाज निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर विचार साझा करेंगे।
दो दिनों में चार मुख्य कार्यक्रम
सरसंघचालक के प्रवास के दौरान कुल चार प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विशेष रूप से युवा, समाज के प्रभावशाली लोग और मातृशक्ति को आमंत्रित किया गया है। सभी कार्यक्रम संवादात्मक स्वरूप में होंगे।

युवा संवाद: 31 जिलों के प्रतिभागी
2 जनवरी को सुबह 9:30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में प्रांत स्तरीय युवा संवाद आयोजित किया जाएगा। इसमें मध्यभारत प्रांत के 31 जिलों से ऐसे युवा शामिल होंगे जिन्होंने शिक्षा, सेवा, नवाचार, सामाजिक कार्य और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। डॉ. भागवत युवाओं के साथ राष्ट्रनिर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और मूल्यों की भूमिका पर विचार साझा करेंगे।
प्रमुखजन गोष्ठी: समाज के प्रभावशाली व्यक्तियों से विमर्श
इसी दिन शाम 5:30 बजे रविन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में प्रमुखजन गोष्ठी का आयोजन होगा। इसमें भोपाल विभाग के सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, व्यवसायिक और अन्य क्षेत्रों के सक्रिय प्रमुख व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है। गोष्ठी में संघ की शताब्दी यात्रा, सामाजिक समरसता और वर्तमान समय की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होगी।

सामाजिक सद्भाव बैठक: समाजों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
3 जनवरी को सुबह 9:30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक सद्भाव बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें प्रांत के सभी जिलों से विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। इस बैठक में सरसंघचालक सामाजिक एकता, समरसता और पारस्परिक सहयोग को मजबूत करने वाले विचार साझा करेंगे।
शक्ति संवाद: मातृशक्ति से सीधा संवाद
3 जनवरी को शाम 5 बजे भोपाल की प्रमुख मातृशक्ति के साथ शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें समाज, परिवार और राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। यह कार्यक्रम महिला सहभागिता और सामाजिक नेतृत्व के दृष्टिकोण से विशेष महत्व का है।
संघ के शताब्दी वर्ष में बढ़ी रुचि
संघ के शताब्दी वर्ष के चलते समाज में आरएसएस को लेकर जिज्ञासा और रुचि बढ़ी है। डॉ. भागवत के इस प्रवास के माध्यम से लोगों को संघ के बारे में तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त होगी और यह स्पष्ट होगा कि देश और समाज के निर्माण में नागरिक किस प्रकार सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। भोपाल में यह प्रवास संघ के शताब्दी वर्ष का एक महत्वपूर्ण वैचारिक और सामाजिक आयोजन माना जा रहा है।