इंदौर। गुरुवार को अग्रसेन चौराहे पर नगर निगम की रिमूवल टीम द्वारा हाट हटाने के प्रयास के दौरान तकरार होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। हाट वाले और निगम टीम के बीच कहासुनी बढ़ गई थी, लेकिन मौके पर पहुंचे एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा मामा ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला और विवाद को शांत करवाया।
हर गुरुवार यहां हाट लगता है, जिसमें दर्जनों व्यापारी सड़क किनारे दुकानें लगाते हैं। इससे अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। गुरुवार को भी नगर निगम की टीम ने हाट हटाने का प्रयास किया, जिससे हाट वालों और अधिकारियों में विवाद हो गया।


समझाइश के बाद हाट अंदर स्थानांतरित
एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा मामा ने हाट वालों से बैठकर बातचीत की और उन्हें समझाया कि सड़क पर दुकानें लगाने से रोजाना हजारों लोगों के आवागमन में परेशानी होती है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “ये आखिरी बार है। अब अगर रोड पर दुकान लगी तो मैं भी मदद नहीं कर पाऊंगा।”
समझाइश के बाद हाट वालों ने अपनी दुकानों को सड़क किनारे एक तरफ लगाने पर सहमति दी। एमआईसी मेंबर ने उन्हें जिम्मेदारी दी कि ठेले वालों को बीच सड़क पर न बैठने दें और जाम की स्थिति न बनने दें। साथ ही सभी दुकानदारों के नाम और संपर्क नंबर जमा कराने के निर्देश भी दिए गए।

एमआईसी मेंबर का बयान
मनीष शर्मा मामा ने बताया कि अग्रसेन चौराहे पर यह हाट पिछले 70 सालों से चल रहा है। आसपास के ग्रामीण और क्षेत्र के लोग हाट में व्यापार करते हैं और कई परिवार दो-तीन पीढ़ियों से इसे चला रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम व्यवसाय का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन शहरवासियों को यातायात की समस्या न हो, यह सभी की जिम्मेदारी है।”
नगर निगम और हाट वालों के बीच हुई यह बैठक शांति और समझदारी का उदाहरण साबित हुई। हाट अब तय नियमों के अनुसार सड़क किनारे संचालित किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।