भोपाल।
अनुसूचित जाति–जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) के समानांतर अब सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने ‘सनातनी, सामान्य, ओबीसी, अल्पसंख्यक अधिकारी-कर्मचारी एवं पेंशनर्स संघ (सजाक्स)’ के गठन की तैयारी शुरू कर दी है। यह निर्णय आईएएस अधिकारी एवं अजाक्स अध्यक्ष संतोष वर्मा द्वारा दिए गए ब्राह्मण बेटियों से जुड़े विवादित बयान के बाद लिया गया है।
सजाक्स के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालय अधिकारी-कर्मचारी सेवा संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक को अधिकृत किया गया है। प्रस्तावित संगठन की सक्रिय इकाइयां ग्राम पंचायत से लेकर नगरीय निकाय स्तर तक होंगी। संगठन के संरक्षक केंद्र व राज्य के पूर्व मंत्री, हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश रहेंगे। संगठन का उद्देश्य सामान्य, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े मामलों में त्वरित और जमीनी प्रतिक्रिया देना बताया गया है।

विचार गोष्ठी में लिया गया निर्णय
इस संबंध में हाल ही में तुलसीनगर स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर परिसर में सामान्य एवं सवर्ण समाज के लोगों की एक विचार गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी में आईएएस संतोष वर्मा के बयान का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अब ऐसे संगठन की आवश्यकता है, जो सामान्य और सवर्ण समाज के मुद्दों को संगठित रूप से सामने रख सके। वक्ताओं ने सरकार के रवैये को लेकर भी असंतोष जताया।
पदोन्नति और वेतनमान पर चर्चा
गोष्ठी में सामान्य, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति और समयमान वेतनमान नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने दावा किया कि बीते एक दशक में बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हुए हैं। पदोन्नति, समयमान वेतनमान और न्यायालयीन आदेशों के पालन को लेकर भी चर्चा की गई।
संगठन की मांगें
गोष्ठी में संगठन के माध्यम से उठाई जाने वाली मांगों और उद्देश्यों पर भी चर्चा हुई। इनमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़ा पुनर्निर्धारण, आरक्षण व्यवस्था से संबंधित बदलाव, पदोन्नति नीति, आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन, निजी क्षेत्र में आरक्षण, शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र में नियुक्तियों, तथा विभिन्न सामाजिक-कानूनी विषयों से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए।
गोष्ठी में ये रहे मौजूद
विचार गोष्ठी में राजपत्रित अधिकारी संघ, मंत्रालय कर्मचारी संघ, निगम-मंडल, बोर्ड ऑफिस, तृतीय वर्ग एवं लिपिक वर्गीय कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।