बीना के समीप स्थित साधारण से गांव आगासौद से निकलकर शतरंज खिलाड़ी अंजलि चौरसिया ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अंजलि का चयन 39वीं नेशनल जूनियर गर्ल्स शतरंज प्रतियोगिता के लिए हुआ है, जिसमें वह मध्य प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 16 से 25 दिसंबर तक जमशेदपुर (झारखंड) में आयोजित की जा रही है।
अंजलि की यह उपलब्धि उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम मानी जा रही है। खास बात यह है कि शतरंज में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली अंजलि की बड़ी बहन अमृता चौरसिया भी पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं। अमृता ने नेशनल ओपन शतरंज प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था, जो 3 से 12 दिसंबर तक दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) में आयोजित हुई।

चौरसिया सिस्टर्स बनीं प्रेरणा
दोनों बहनों—अंजलि और अमृता चौरसिया—ने प्रदेश में शतरंज के उभरते सितारों के रूप में पहचान बनाई है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का उनका सफर कई युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है।

प्रोजेक्ट लक्ष्य से मिला मार्गदर्शन
अंजलि और अमृता, बीपीसीएल द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट लक्ष्य’ के अंतर्गत शतरंज का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। इस कार्यक्रम का संचालन सामाजिक संस्था समन्वय मंडपम द्वारा किया जा रहा है।
संस्था के प्रशिक्षक श्री जफर खान के मार्गदर्शन में दोनों खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही बीपीसीएल के सहयोग से ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से भी उनकी तैयारी कराई जाती है।
ग्रामीण प्रतिभा को सही मंच और मार्गदर्शन मिलने से अंजलि और अमृता जैसी खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।