आज़ाद समाज पार्टी ने संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान के मामलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पार्टी ने ऐसे मामलों में दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने और तत्काल जेल भेजने की मांग की है। इसके साथ ही पार्टी ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत के बजाय उनकी जनसंख्या के अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग दोहराई है।
यह जानकारी आज़ाद समाज पार्टी की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य दामोदर यादव मंडल ने ग्वालियर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुई पार्टी की राष्ट्रीय स्तर की अहम बैठक में इन मुद्दों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

मनुस्मृति को लेकर पूछे गए सवाल पर दामोदर यादव ने कहा कि मनुस्मृति कोई पूजनीय ग्रंथ नहीं है और इसे भगवान के बराबर नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति को जलाने पर माफी नहीं मांगी जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका यह अर्थ नहीं है कि कोई बाबा साहेब का अपमान करे या उनके पुतले जलाने जैसा दुस्साहस करे।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि बाबा साहेब का अपमान करने वालों पर 72 घंटे के भीतर NSA के तहत कार्रवाई नहीं होती है, तो बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। दामोदर यादव ने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
इस दौरान दामोदर यादव ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को “बद दिमाग लड़का” बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार उन्हें अपना दामाद मानती है और चार्टर प्लेन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती है, जो जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग है।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि धीरेंद्र शास्त्री से इन सुविधाओं के बदले पैसा क्यों नहीं लिया जा रहा है और सरकार को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जवाब नहीं दिया, तो आज़ाद समाज पार्टी इस मुद्दे पर सरकारों को घेरने का काम करेगी।