भोपाल के आनंद नगर तिराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण और फ्लाईओवर निर्माण को लेकर प्रशासन ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में अगले सप्ताह तीन मंदिर, एक वार्ड ऑफिस, पुलिस चौकी और सार्वजनिक शौचालय हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है।
मंदिरों को विधि-विधान से हटाया जाएगा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार आनंद नगर तिराहे के पास स्थित तीन मंदिरों में से दो मंदिरों को पूरी तरह और एक को आंशिक रूप से हटाया जाएगा। इन मंदिरों में भगवान शिव, हनुमान जी और मां दुर्गा की मूर्तियां स्थापित हैं।
मूर्तियों को हटाने से पहले पूजा-पाठ और धार्मिक विधि-विधान पूरे किए जाएंगे। इसके बाद सभी मूर्तियों को नजदीकी अन्य मंदिरों में विधिवत रूप से पुनः स्थापित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर सहमति ली गई है, ताकि किसी भी तरह की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।

पुलिस चौकी और वार्ड ऑफिस की शिफ्टिंग
- पुलिस चौकी को तिराहे के सामने मौजूद खाली सरकारी भूमि पर शिफ्ट किया जाएगा।
- वार्ड ऑफिस को पास ही स्थित दूसरे वार्ड कार्यालय में स्थानांतरित किया जा रहा है।
- नगर निगम का सामुदायिक शौचालय भी अगले तीन से चार दिनों के भीतर हटाया जाएगा।
146 दुकानों पर चला बुलडोजर
शुक्रवार को प्रशासन ने आनंद नगर तिराहे पर 146 दुकानों को हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली। सुबह से शाम तक यह अभियान चला।
- कई दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें हटा लीं।
- कुछ दिन पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी यहां पहुंचे थे और दुकानें हटाने के विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी थी।
- हालांकि, प्रशासन द्वारा पहले ही मुआवजा वितरित कर दिया गया था, जिसके बाद अधिकांश लोगों ने सहयोग करते हुए स्वयं दुकानें खाली कर दीं।
क्यों हटाए जा रहे हैं निर्माण?
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा

- एनएच-146 पर आशाराम तिराहे से रत्नागिरी तिराहे तक 16 किलोमीटर सड़क का सिक्सलेन चौड़ीकरण किया जा रहा है।
- इसी परियोजना के तहत आनंद नगर तिराहे पर फ्लाईओवर का भी निर्माण होगा।
सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसलिए सड़क किनारे मौजूद सभी अतिक्रमण और निर्माण हटाए जा रहे हैं।
प्रशासन का दावा
प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया, मुआवजा वितरण और जनसहमति के साथ की जा रही है। आने वाले समय में इस परियोजना से
- ट्रैफिक जाम से राहत
- आवागमन सुगम
- और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
होने की उम्मीद है।