भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने एक बार फिर दुनिया में अपना दबदबा साबित करते हुए छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। शुक्रवार रात जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से करारी शिकस्त दी।
इस जीत के साथ भारत ने 4 साल बाद अंडर-19 वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। टीम ने इससे पहले 2022 में यह खिताब जीता था, जबकि 2024 के सीजन में भारत को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था।
लगातार चौथा ICC खिताब, भारतीय क्रिकेट का सुनहरा दौर
अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत के साथ ही भारत ने लगातार चौथा ICC टूर्नामेंट जीतने का कारनामा किया है।
भारत इससे पहले:

- विमेंस वनडे वर्ल्ड कप
- चैंपियंस ट्रॉफी
- टी-20 वर्ल्ड कप 2024
अपने नाम कर चुका है। यह सिलसिला भारतीय क्रिकेट के मजबूत सिस्टम और युवा प्रतिभाओं की गहराई को दर्शाता है।
सबसे ज्यादा बार चैंपियन बना भारत
भारत अब अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा 6 बार चैंपियन बनने वाली टीम बन गई है।
अन्य देशों का रिकॉर्ड:

- ऑस्ट्रेलिया – 4 बार (1988, 2002, 2010, 2024)
- पाकिस्तान – 2 बार (2004, 2006)
- बांग्लादेश – 1 बार (2020)
- साउथ अफ्रीका – 1 बार (2014)
- इंग्लैंड – 1 बार (1998)
- वेस्टइंडीज – 1 बार (2016)
फाइनल मैच का पूरा हाल
वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी से भारत का विशाल स्कोर
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और 20 रन पर ओपनर आरोन जॉर्ज का विकेट गिर गया। इसके बाद मैदान पर जो हुआ, वह इतिहास बन गया।
महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ मिलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं।

- वैभव सूर्यवंशी: 80 गेंदों पर 175 रन
- स्ट्राइक रेट: 218.75
- 15 चौके और 15 छक्के
- 150 रन सिर्फ बाउंड्री से
वैभव और आयुष के बीच 90 गेंदों पर 142 रन की साझेदारी हुई। कप्तान आयुष म्हात्रे ने 53 रन की अहम पारी खेली। भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन बनाए और इंग्लैंड को 412 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य दिया।
इंग्लैंड की ओर से सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट लिए।
लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ढेर
412 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम दबाव में नजर आई और 40.2 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई।
इंग्लैंड की ओर से:
- कालेब फॉल्कनर – 67 गेंदों पर 115 रन
- बेन डॉकिन्स – 56 गेंदों पर 66 रन
भारतीय गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन:
- आरएस अंबरीश – 3 विकेट
- दीपेश देवेंद्रन – 2 विकेट
- कनिष्क चौहान – 2 विकेट

भारत को चैंपियन बनाने वाले टूर्नामेंट के हीरो
⭐ वैभव सूर्यवंशी
- 7 मैचों में 444 रन
- औसत: 74
- 1 शतक, 3 अर्धशतक
- फाइनल में यादगार 175 रन
⭐ आरोन जॉर्ज
- सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 115 रन
- भारत ने रिकॉर्ड 311 रन का लक्ष्य चेज किया
- 5 मैचों में 170 रन
⭐ आयुष म्हात्रे (कप्तान)
- फाइनल और सेमीफाइनल में अर्धशतक
- 7 मैचों में 214 रन
- साथ ही 7 विकेट भी झटके
⭐ हेनिल पटेल
- टूर्नामेंट में 11 विकेट
- पहले मैच में USA के खिलाफ 5 विकेट
- शानदार इकॉनमी: 4.44
⭐ आरएस अंबरीश
- फाइनल में 3 विकेट
- पूरे टूर्नामेंट में 11 विकेट
- इकॉनमी: 4.93
टूर्नामेंट के टॉप परफॉर्मर्स
- टॉप स्कोरर: बेन मेयर्स (इंग्लैंड) – 444 रन
- टॉप विकेट टेकर: मैनी लुम्सडेन (इंग्लैंड) – 16 विकेट
भारतीय टीम स्क्वॉड
आयुष म्हात्रे (कप्तान), आरोन जॉर्ज, वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), वेदांत त्रिवेदी, आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, हेनिल पटेल, दीपेश देवेंद्रन, हर्वंश पंगलिया, मोहम्मद इनान, उधव मोहन और किशन सिंह।