सागर में आय से अधिक संपत्ति के छह वर्ष पुराने मामले में विशेष कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। देवरी तहसील की प्राथमिक आदिम जाति सेवा सहकारी समिति रसेना के तत्कालीन सहायक समिति प्रबंधक चंद्रशेखर ढिमोले को दोषी करार दिया गया है। विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन हाशमी की अदालत ने आरोपी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 40 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार लोकायुक्त सागर को शिकायत मिली थी कि चंद्रशेखर ढिमोले ने पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। इस पर अगस्त 2019 में लोकायुक्त टीम ने देवरी के तिलक वार्ड स्थित उसके निवास पर छापा मारा था। जांच के दौरान ‘चेक पीरियड’ में आरोपी की कुल आय 68 लाख 64 हजार रुपए पाई गई, जबकि उसके द्वारा किए गए खर्च 1 करोड़ 27 लाख 18 हजार रुपए सामने आए।

जांच में आरोपी के पास आय से 58 लाख 54 हजार 129 रुपए की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई, जिसका वह कोई संतोषजनक हिसाब नहीं दे सका। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई।