इंदौर के एमवाय अस्पताल में बाथरूम से मिला नवजात का शव: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस !

Spread the love

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल एमवाय अस्पताल में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब इमरजेंसी वार्ड के सामने बने बाथरूम से एक नवजात बच्चे का शव बरामद हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, जबकि अस्पताल प्रबंधन भी पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुबह कुछ लोग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के सामने स्थित बाथरूम की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर अंदर पड़े एक नवजात के शव पर पड़ी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत सुरक्षा गार्ड को सूचना दी गई।

सूचना मिलने के बाद अस्पताल के सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे। बाद में सफाई कर्मचारियों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में नवजात की उम्र करीब तीन महीने बताई जा रही है। हालांकि वास्तविक उम्र और मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल शव को अस्पताल के CHMO कक्ष में रखवाया गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवा दिया।

घटना की सूचना मिलते ही एमवाय चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।

इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एमवाय अस्पताल जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की तैनाती और जगह-जगह CCTV कैमरे लगे होने के बावजूद अस्पताल परिसर के बाथरूम में नवजात का शव मिलना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है।

पुलिस अब अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को वहां कौन और कब छोड़कर गया। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मामला नवजात की मौत के बाद शव को फेंकने का है या फिर किसी अन्य परिस्थिति में बच्चे को वहां छोड़ा गया।

अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई।

स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं तो सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है।

कुछ लोगों का मानना है कि संभवतः किसी ने नवजात को गुप्त रूप से अस्पताल में छोड़ने का प्रयास किया होगा, जबकि कुछ लोग इसे आपराधिक घटना मान रहे हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल हर एंगल से जांच कर रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही।

एमवाय अस्पताल प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माना जाता है, जहां हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में इस प्रकार का मामला सामने आना कई सवाल खड़े कर रहा है। खासतौर पर यह कि अस्पताल के भीतर आने-जाने वालों की निगरानी कितनी प्रभावी है और सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस नवजात की पहचान करने और उसके परिजनों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। आसपास के थानों और गुमशुदगी संबंधी रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।

यह घटना न केवल अस्पताल प्रशासन बल्कि समाज के सामने भी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एक मासूम का शव अस्पताल के बाथरूम में मिलना मानवता को झकझोर देने वाली घटना मानी जा रही है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे इस रहस्यमयी मामले का खुलासा हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *