इंदौर में पुलिसकर्मी पर रेप का आरोप: शादी का झांसा देकर बनाया संबंध, मुकरने पर दी धमकी; केस दर्ज !

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मध्यप्रदेश के इंदौर से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक पुलिसकर्मी पर दुष्कर्म और धमकी देने के आरोप लगे हैं। कनाड़िया थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और आचरण पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले के अनुसार, जीआरपी थाने में पदस्थ आरक्षक सचिन चंद्रवंशी के खिलाफ 35 वर्षीय महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़िता मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली है, लेकिन वर्तमान में भोपाल में रह रही है।

फेसबुक से शुरू हुई पहचान, रिश्ते में बदली नजदीकी

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2018 में इंदौर में पढ़ाई के दौरान उसकी पहचान आरोपी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook के जरिए हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन धीरे-धीरे यह संपर्क गहरे रिश्ते में बदल गया। मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ और आरोपी ने महिला को अपने भरोसे में लिया।

महिला का आरोप है कि आरोपी ने उससे शादी का वादा किया और इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। 8 नवंबर 2018 को आरोपी उसे अपने सरकारी क्वार्टर में ले गया, जहां उसने पहली बार उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद भी कई बार दोनों की मुलाकातें हुईं और हर बार आरोपी शादी का आश्वासन देता रहा।

परिवार की सहमति के बाद भी नहीं हुई शादी

पीड़िता के अनुसार, समय के साथ दोनों के परिवारों को भी इस रिश्ते की जानकारी हो गई थी और सहमति भी बन गई थी। इससे महिला को यह भरोसा और मजबूत हो गया कि आरोपी उससे शादी करेगा। लेकिन इसके बावजूद आरोपी लगातार शादी की बात को टालता रहा।

महिला के जीवन में कठिन समय तब आया जब वर्ष 2021 में उसकी मां और 2023 में पिता का निधन हो गया। इस दौरान उसे आरोपी से भावनात्मक सहारे की उम्मीद थी, लेकिन इसके उलट आरोपी ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। अंततः उसने शादी से साफ इनकार कर दिया।

दूसरी युवती से संबंध और सगाई का खुलासा

मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब पीड़िता को जानकारी मिली कि आरोपी किसी अन्य युवती के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है। इतना ही नहीं, फरवरी 2026 में उसने किसी अन्य महिला से सगाई भी कर ली। यह जानकर पीड़िता को गहरा आघात पहुंचा।

पीड़िता का आरोप है कि 13 फरवरी 2026 को भोपाल में हुई मुलाकात के दौरान जब उसने आरोपी से शादी को लेकर सवाल किया, तो उसने साफ इनकार कर दिया। साथ ही, उसने महिला को धमकी दी कि यदि उसने इस मामले को आगे बढ़ाया तो वह उसके निजी फोटो और वीडियो वायरल कर देगा।

शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला

धमकी मिलने के बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी और भोपाल में शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच के बाद मामला इंदौर स्थानांतरित किया गया, जहां कनाड़िया थाने में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और आपराधिक धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर भी पुलिस आवश्यक कदम उठा रही है।

पुलिस विभाग पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस व्यक्ति पर कानून की रक्षा की जिम्मेदारी होती है, उसी पर इस तरह के गंभीर आरोप लगना चिंताजनक है। समाज में यह संदेश जाता है कि यदि कानून के रक्षक ही इस तरह के अपराध में शामिल पाए जाते हैं, तो आम जनता का विश्वास कमजोर होता है।

कानूनी और सामाजिक पहलू

विशेषज्ञों का मानना है कि शादी का झांसा देकर बनाए गए शारीरिक संबंध भारतीय कानून के तहत दुष्कर्म की श्रेणी में आ सकते हैं, यदि यह साबित हो जाए कि आरोपी ने शुरुआत से ही धोखे की नीयत से संबंध बनाए थे। ऐसे मामलों में साक्ष्यों और परिस्थितियों की जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है।

साथ ही, यह मामला महिलाओं की सुरक्षा, विश्वास और डिजिटल युग में रिश्तों की जटिलताओं को भी उजागर करता है। सोशल मीडिया के माध्यम से बने रिश्तों में विश्वास का दुरुपयोग किस तरह हो सकता है, यह घटना उसका उदाहरण है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सेवा से बर्खास्तगी तक शामिल हो सकती है।

यह मामला न केवल एक आपराधिक घटना है, बल्कि यह समाज और व्यवस्था दोनों के लिए एक चेतावनी है कि रिश्तों में विश्वास और अधिकार का दुरुपयोग कितना खतरनाक हो सकता है।

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