इंदौर में लोन दिलाने और प्रॉफिट देने का झांसा देकर दो डॉक्टरों से करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। एमजी रोड पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र सक्सेना के खिलाफ डॉक्टर विनीता काटेकर और डॉक्टर राकेश (राजेन्द्र) गुजराती की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने अकेले ही CHC बेटमा में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विनीता काटेकर के नाम पर छह अलग-अलग बैंकों से 1 करोड़ 10 लाख रुपये का लोन करवाया। लोन का पूरा पैसा आरोपी ने अपने पास रखा और जुलाई 2024 के बाद किश्तें भरना बंद कर दीं। डॉक्टर को न तो रकम दी और न ही 4% प्रॉफिट, जिसका वादा पहले किया था। आरोपी ने प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 5% राशि भी अफसरों और कर्मचारियों को दिए जाने की बात कहकर वसूल ली।
डॉक्टर विनीता के नाम पर एचडीएफसी बैंक से 25.18 लाख, बंधन बैंक से 20.15 लाख और 62 हजार, SMFG से 20.81 लाख, पिरामल बैंक से 15.40 लाख और श्रीराम फाइनेंस से 13 लाख का लोन 2020 से 2025 तक की अवधि का कराया गया। लेकिन लोन से प्राप्त रकम पीड़िता को नहीं दी गई और आरोपी ने अपने उपयोग में लगा दी।
इसी तरह डॉक्टर राकेश गुजराती ने भी बताया कि कोर्ट में आने-जाने के दौरान उनकी पहचान वीरेंद्र से हुई थी। आरोपी ने एचडीएफसी, प्रूटोन बैंक और बंधन बैंक से उनके नाम पर करीब 39 लाख रुपये का लोन निकलवाया। यहां भी 5% प्रोसेसिंग फीस और 4% प्रॉफिट का लालच देकर पूरी राशि खुद ही रख ली। बाद में बैंक से किश्तें न भरने के चलते उन्हें नोटिस और कॉल आने लगे, तब मामले की हकीकत सामने आई।
डॉक्टरों का कहना है कि कोर्ट परिसर में ही वीरेंद्र ने उनके सभी डॉक्यूमेंट अपने पास रख लिए थे। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने बुधवार रात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की। पुलिस के मुताबिक वह अब तक छह से ज्यादा लोगों से इसी तरह की ठगी कर चुका है। पूछताछ में और भी मामलों के खुलासे की संभावना है।