इंदौर में शुरू हुई डिजिटल जनगणना 2026, अब घर बैठे दर्ज कर सकेंगे अपनी जानकारी !

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इंदौर। लंबे इंतजार के बाद देश की नई जनगणना का बिगुल बज गया है। इंदौर जिले में कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में बैठक के साथ ही इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार की जनगणना पहले के मुकाबले पूरी तरह डिजिटल और हाईटेक होने वाली है।

जनगणना 2026 में अब नागरिकों को घर पर जानकारी देने के लिए लंबी पूछताछ का समय नहीं लगेगा। सरकार इस बार स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा दे रही है। इसका मतलब है कि लोग मोबाइल ऐप या पोर्टल के जरिए खुद अपनी और अपने घर के बारे में जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

प्रक्रिया और जिम्मेदारियां

जनगणना में हर कर्मचारी को 150 से 175 मकानों का सर्वे करना होगा। सभी जानकारी डिजिटल फॉर्मेट में भरी जाएगी। डिजिटल प्रक्रिया होने के कारण पहले से कम समय में पूरी जनगणना पूरी होगी और तैयार रिपोर्ट राज्य स्तर पर कम्पाइल होकर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।

इस बार क्या बदलेगा

  • पूरी तरह डिजिटल: कागज-पेन की बजाय कर्मचारी मोबाइल ऐप या टैबलेट लेकर घर आएंगे।
  • मास्टर ट्रेनर्स: कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने के लिए बड़े स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स नियुक्त किए जा रहे हैं।
  • डेटा प्रोसेसिंग: डिजिटल एंट्री होने से डेटा प्रोसेसिंग तेजी से होगी और परिणाम जल्दी सामने आएंगे।

कलेक्टर के सख्त निर्देश

बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना का काम निर्धारित समय सीमा में पूरा हो और डेटा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए। कर्मचारियों के प्रशिक्षण में कोई कमी न रहे।

डिजिटल जनगणना के लिए जरूरी दस्तावेज और जानकारी

  1. परिवार के मुखिया का आधार कार्ड: डिजिटल पहचान और पोर्टल वेरिफिकेशन के लिए जरूरी।
  2. मकान संबंधी जानकारी (पहले चरण – मई 2026):
    • मकान नंबर
    • मकान का प्रकार (पक्का, कच्चा, खपरैल)
    • बुनियादी सुविधाएं: पीने का पानी, शौचालय, बिजली, खाना पकाने का ईंधन
  3. परिवार के सदस्यों का विवरण (दूसरे चरण – फरवरी 2027):
    • पूरा नाम और जन्मतिथि
    • वैवाहिक स्थिति
    • शिक्षा स्तर
    • व्यवसाय
    • धर्म और मातृभाषा
  4. सक्रिय मोबाइल नंबर: OTP प्राप्त करने और डेटा सुरक्षा के लिए जरूरी।

डिजिटल जनगणना के फायदे

  • गोपनीयता: जानकारी सीधे सरकारी सर्वर पर सुरक्षित रहेगी।
  • समय की बचत: कर्मचारी के घर आने पर लंबी पूछताछ की जरूरत नहीं; सिर्फ Reference Number दिखाना होगा।
  • सटीकता: खुद जानकारी भरने से स्पेलिंग या डेटा की गलतियों की संभावना कम होगी।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने जनता से अपील की है कि सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और डिजिटल पोर्टल पर सही जानकारी भरें। उनका कहना है कि यह नई तकनीक न केवल प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि डेटा की गुणवत्ता और सटीकता भी सुनिश्चित करेगी।

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