भोपाल। कलेक्टोरेट परिसर में मंगलवार को किन्नरों ने हंगामा किया। उनका आरोप था कि किन्नर गुरु सुरैया उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराना चाह रही हैं। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने भी जांच की मांग की है। प्रदर्शन में किन्नर समुदाय के प्रतिनिधि और पदाधिकारी भी कलेक्टोरेट पहुंचे।
किन्नरों ने कलेक्टर के नाम दिए आवेदन में आरोप लगाया कि भोपाल में सुरैया हाजी वर्षों से अपने हिंदू किन्नर शिष्यों को जबरन इस्लाम ग्रहण करने के लिए मजबूर कर रही हैं। आवेदन में यह भी कहा गया कि उन्हें मारना-पीटना, धमकाना, गोमांस खाने और फर्जी आधार कार्ड बनवाकर गलत काम करने पर दबाव डाला जा रहा है। हिंदू किन्नरों का कहना है कि पूरे देश में ‘किन्नर जिहाद’ चलाया जा रहा है और उन्हें जान-माल का खतरा है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धमकियों के कारण वे खुले में बधाई कार्य करने या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने में असमर्थ हैं। मंगलवारा क्षेत्र में निवासरत हिंदू किन्नर समुदाय लंबे समय से अत्यधिक भय, असुरक्षा और मानसिक दबाव में जीवन यापन करने को मजबूर है।
किन्नरों की शिकायतों में यह भी बताया गया कि जिहादी किन्नर समूह दूसरों पर लगातार दबाव डालते हैं। विरोध करने पर मारपीट, धमकी और मानसिक उत्पीड़न किया जाता है। भय के कारण समुदाय के लोग अपने पारंपरिक आजीविका के साधनों, जैसे बधाई कार्य, से वंचित हैं। साथ ही, झूठे प्रकरणों में फंसाने और दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका भी जताई गई है। सामाजिक कार्यकर्ता और प्रतिनिधि भी जान-माल की धमकियों का सामना कर रहे हैं।

किन्नर समुदाय ने मांग की है कि शिकायतों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, स्थानीय प्रशासन और पुलिस उनके सुरक्षा सुनिश्चित करें। दोषी पाए जाने वाले जिहादी किन्नर समूहों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक और सुरक्षित जीवन व्यतीत कर सकें।
इस मामले में किन्नर गुरु सुरैया ने मीडिया से बात की और आरोपों को खारिज किया। उनका कहना था कि सभी आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा, “किन्नरों की कोई जाति नहीं है। यह केवल गद्दी और इलाके की लड़ाई है। मेरी गद्दी छिनने के लिए ऐसा आरोप लगाया जा रहा है। कोई धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा रहा है।”
कलेक्टर कार्यालय और पुलिस मामले की जांच कर रही हैं, और क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारी तैनात हैं।