उधार के 20 लाख रुपए नहीं लौटे तो टूट गया कपिल तिवारी का हौसला: सागर में जहरीला पदार्थ खाने से मौत, पीछे छोड़ गए हिसाब-किताब से भरी डायरी !

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सागर शहर के Motinagar थाना क्षेत्र स्थित धर्माश्री इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां आर्थिक तनाव और उधार दिए गए रुपए वापस नहीं मिलने की परेशानी से जूझ रहे 45 वर्षीय कपिल तिवारी ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतक अपने पीछे एक डायरी छोड़ गए हैं, जिसमें कई लोगों को दिए गए पैसों का पूरा हिसाब-किताब दर्ज बताया जा रहा है। पुलिस ने डायरी जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान कपिल पिता रमाकांत तिवारी निवासी धर्माश्री के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार रात उन्होंने अज्ञात जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर परिवार के लोग उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान रात करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर सोमवार को पोस्टमार्टम कराया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

मृतक के बेटे आदर्श तिवारी ने बताया कि उनके पिता ने परिचितों और जान-पहचान वाले लोगों को करीब 15 से 20 लाख रुपए उधार दिए थे। परिवार का कहना है कि लंबे समय से पिता लोगों से अपने पैसे वापस मांग रहे थे, लेकिन कोई भी रकम लौटाने को तैयार नहीं था। यही तनाव धीरे-धीरे उनकी मानसिक स्थिति पर भारी पड़ने लगा।

परिजनों के मुताबिक हाल ही में कपिल तिवारी के भाई का गंभीर सड़क हादसा हो गया था। हादसे के बाद उनका इलाज भोपाल में चल रहा है, जिस पर काफी खर्च आ रहा था। परिवार को इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। ऐसे समय में कपिल तिवारी उन लोगों से अपने उधार दिए रुपए वापस मांग रहे थे, जिन्हें उन्होंने जरूरत पड़ने पर मदद के तौर पर पैसे दिए थे। लेकिन बार-बार कहने के बावजूद किसी ने रकम वापस नहीं की।

बताया जा रहा है कि आर्थिक दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियों और लगातार बढ़ती परेशानियों के कारण कपिल तिवारी मानसिक रूप से काफी तनाव में रहने लगे थे। परिवार का आरोप है कि यदि लोगों ने समय पर रुपए लौटा दिए होते तो शायद आज कपिल जिंदा होते।

घटना के बाद सबसे अहम बात यह सामने आई कि कपिल तिवारी एक डायरी छोड़कर गए हैं। इस डायरी में उन्होंने उन सभी लोगों के नाम लिखे हैं, जिन्हें उन्होंने रुपए उधार दिए थे। साथ ही रकम का पूरा हिसाब-किताब भी दर्ज है। पुलिस ने इस डायरी को अपने कब्जे में ले लिया है और अब जांच का अहम आधार यही दस्तावेज माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डायरी में दर्ज जानकारी की जांच की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि किन लोगों से पैसों का लेनदेन हुआ था और क्या वास्तव में आर्थिक दबाव के चलते कपिल तिवारी ने यह कदम उठाया। जांच के बाद ही आत्महत्या की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

घटना के बाद जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में परिजन और परिचित पहुंच गए। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। इलाके में भी इस घटना को लेकर शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कपिल तिवारी मिलनसार और मदद करने वाले व्यक्ति थे। वे अक्सर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक सहायता किया करते थे। किसी ने शायद यह नहीं सोचा था कि दूसरों की मदद करने वाला इंसान खुद आर्थिक संकट में फंसकर इतना बड़ा कदम उठा लेगा।

यह घटना समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। अक्सर लोग रिश्तों और भरोसे के आधार पर बड़ी रकम उधार दे देते हैं, लेकिन जब वही पैसा जरूरत के समय वापस नहीं मिलता तो हालात बेहद तनावपूर्ण हो जाते हैं। आर्थिक दबाव कई बार मानसिक तनाव में बदल जाता है और व्यक्ति गलत कदम उठा लेता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार और समाज दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से आर्थिक तनाव या मानसिक दबाव में दिखाई दे रहा हो तो उसके साथ संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है। समय रहते सहयोग और सहारा मिल जाए तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

फिलहाल मोतीनगर थाना पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस डायरी में दर्ज नामों और लेनदेन की जानकारी खंगाल रही है। साथ ही परिजनों और परिचितों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कपिल तिवारी को किन परिस्थितियों ने इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।

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