देश में सोना और चांदी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। शादी-ब्याह के सीजन और वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच कीमती धातुओं की कीमतों में फिर बड़ी तेजी देखने को मिली है। सोमवार 25 मई को सोने और चांदी दोनों के दामों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। India Bullion and Jewellers Association यानी IBJA के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 505 रुपए बढ़कर 1 लाख 59 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई, जबकि चांदी की कीमत में 3,754 रुपए की बड़ी बढ़ोतरी हुई और यह 2 लाख 70 हजार रुपए प्रति किलो के करीब पहुंच गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात, डॉलर में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों के सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते रुझान के कारण सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। यही वजह है कि साल 2026 में अब तक दोनों धातुओं ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है।

आंकड़ों के मुताबिक साल 2026 की शुरुआत में यानी 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1 लाख 33 हजार रुपए थी, जो अब बढ़कर 1 लाख 59 हजार रुपए तक पहुंच चुकी है। यानी महज पांच महीने के भीतर सोना करीब 25 हजार रुपए महंगा हो चुका है। इसी तरह चांदी की कीमत भी 2 लाख 30 हजार रुपए प्रति किलो से बढ़कर करीब 2 लाख 70 हजार रुपए तक पहुंच गई है। इसका मतलब है कि इस साल चांदी में करीब 39 हजार रुपए प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई है।
बाजार में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस साल 29 जनवरी को सोने और चांदी दोनों ने ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड भी बनाया था। उस दिन 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1 लाख 76 हजार रुपए तक पहुंच गई थी, जबकि चांदी ने 3 लाख 86 हजार रुपए प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर छुआ था। हालांकि बाद में कीमतों में थोड़ी नरमी आई, लेकिन अब फिर से तेजी का दौर शुरू हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया भर में आर्थिक मंदी की आशंका, महंगाई और शेयर बाजार में अस्थिरता के कारण निवेशक सोना और चांदी को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। जब भी वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक बड़ी मात्रा में सोने-चांदी में पैसा लगाते हैं। इससे मांग बढ़ती है और कीमतों में उछाल देखने को मिलता है।
भारत में भी सोने को केवल निवेश नहीं बल्कि परंपरा और सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाता है। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में इसकी मांग और ज्यादा बढ़ जाती है। यही कारण है कि घरेलू बाजार में भी सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।
हालांकि बढ़ती कीमतों ने आम ग्राहकों की चिंता भी बढ़ा दी है। जो लोग शादी या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे थे, उनके लिए अब यह पहले से काफी महंगा हो चुका है। कई ज्वेलर्स का कहना है कि ग्राहक अब कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं या हल्के वजन के आभूषणों की ओर रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि आने वाले महीनों में यदि अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे तो सोने-चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव भी संभव है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए।
इस बीच ज्वेलर्स और बाजार विशेषज्ञ ग्राहकों को सोना खरीदते समय सावधानी बरतने की सलाह भी दे रहे हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि हमेशा हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। Bureau of Indian Standards यानी BIS द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोना शुद्ध और सही कैरेट का है। हॉलमार्क पर एक अल्फान्यूमेरिक कोड लिखा होता है, जिससे सोने की गुणवत्ता की पहचान की जा सकती है।
दूसरी महत्वपूर्ण सलाह यह दी जा रही है कि ग्राहक सोना खरीदने से पहले उसकी कीमत कई विश्वसनीय स्रोतों से जांच लें। IBJA जैसी संस्थाओं की वेबसाइट पर रोजाना सोने-चांदी के ताजा रेट जारी किए जाते हैं। इससे ग्राहकों को सही कीमत का अंदाजा लग जाता है और धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाती है।
विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदना चाहता है तो उसे केवल आभूषणों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प भी बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि इनमें मेकिंग चार्ज और शुद्धता की चिंता कम रहती है।
फिलहाल बाजार में सोना और चांदी दोनों चमक बिखेर रहे हैं। निवेशकों के लिए यह मुनाफे का मौका माना जा रहा है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए बढ़ती कीमतें चिंता का कारण भी बनती जा रही हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और घरेलू मांग तय करेंगी कि सोने-चांदी की यह तेजी कितनी आगे तक जाती है।