भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को शानदार तेजी देखने को मिली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों का उत्साह चरम पर नजर आया और बाजार ने मजबूत बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया। BSE Sensex सेंसेक्स 1074 अंक यानी 1.42% की बड़ी छलांग लगाकर 76,489 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि NIFTY 50 निफ्टी 312 अंकों यानी 1.32% की तेजी के साथ 24,032 पर पहुंच गया।
बाजार में आई इस तेज उछाल से निवेशकों की संपत्ति में भी भारी बढ़ोतरी हुई। खासतौर पर ऑटो, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में जमकर खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर FMCG सेक्टर के शेयरों में हल्की बिकवाली का दबाव रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में संभावित गिरावट की उम्मीद ने बाजार को मजबूती दी। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की खरीदारी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय बाजार में तेजी को समर्थन दिया।
दरअसल बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबर मानी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच अब सिर्फ आखिरी औपचारिकताएं बाकी हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक खाड़ी देशों के नेताओं और इजरायल के प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद यह समझौता अंतिम रूप ले रहा है। ट्रम्प ने कहा कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा पूरी तरह खोला जाएगा। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि वैश्विक तेल सप्लाई का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह समझौता सफल होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह राहत भरी खबर होगी। तेल सस्ता होने से महंगाई पर दबाव कम हो सकता है और कंपनियों की लागत घटने की उम्मीद बढ़ती है। यही कारण है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
सोमवार को एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.41% चढ़कर बंद हुआ। जापान का निक्केई इंडेक्स लगभग 2.87% की मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी 0.86% ऊपर रहा। एशियाई बाजारों की इस तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
इसके अलावा अमेरिकी बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। 22 मई को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स 294 अंक चढ़ा था, जबकि नैस्डैक और S&P 500 में भी मजबूती दर्ज की गई थी। अमेरिकी बाजारों में आई तेजी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और भारतीय बाजार को भी मजबूती मिली।
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा खरीदारी ऑटो और बैंकिंग शेयरों में देखने को मिली। निवेशकों ने बड़े बैंकिंग स्टॉक्स और ऑटो कंपनियों के शेयरों में जमकर पैसा लगाया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ब्याज दरों में स्थिरता और आर्थिक गतिविधियों में सुधार की उम्मीद से बैंकिंग सेक्टर मजबूत बना हुआ है। वहीं ऑटो सेक्टर में मांग बढ़ने की उम्मीद और बेहतर बिक्री आंकड़ों ने निवेशकों को आकर्षित किया।
हालांकि FMCG सेक्टर में हल्की कमजोरी देखने को मिली। विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ती लागत और ग्रामीण मांग में धीमापन FMCG कंपनियों पर दबाव बना रहा है। इसके चलते इस सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी कुछ कम दिखाई दी।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी फिलहाल मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। बाजार विशेषज्ञों ने निफ्टी के लिए कई सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर बताए हैं। सपोर्ट जोन 23,466 से लेकर 22,558 के बीच माना जा रहा है। यानी यदि बाजार में गिरावट आती है तो इन स्तरों पर खरीदारी का समर्थन मिल सकता है।
वहीं रेजिस्टेंस जोन 23,783 से लेकर 24,382 के बीच बताया गया है। यदि निफ्टी इन स्तरों को पार करने में सफल रहता है तो बाजार में आगे और तेजी देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करना चाहिए। वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगी।
गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को भी बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 232 अंक चढ़कर 75,415 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 23,719 के स्तर पर पहुंचा था। अब लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में आई मजबूती से बाजार में निवेशकों का भरोसा और मजबूत होता दिखाई दे रहा है।