जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रजंवास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं, अभिलेखों, ऑनलाइन पोर्टल एंट्री, ओपीडी संचालन तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र की एक भी गर्भवती महिला प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) और पंजीयन से वंचित नहीं रहनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन और प्रसव पूर्व जांच से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा की। रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका समय पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और निगरानी मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि कोई भी पात्र महिला स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। इसके लिए आशा कार्यकर्ता, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मचारियों को घर-घर संपर्क कर गर्भवती महिलाओं की जानकारी एकत्रित करनी होगी तथा उन्हें समय पर स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाना होगा।

स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते ही कलेक्टर ने सबसे पहले उपस्थिति पंजी का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी ली तथा समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला है।
इसके बाद उन्होंने ओपीडी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने एएमओ को निर्देश दिए कि ओपीडी व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाया जाए, ताकि मरीजों को उपचार प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने मरीजों की पंजीयन प्रक्रिया, चिकित्सकीय परामर्श और दवा वितरण व्यवस्था को भी व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दवा भंडारण कक्ष (स्टोर) का भी अवलोकन किया। उन्होंने दवाइयों के स्टॉक, उपलब्धता और रिकॉर्ड संधारण की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पाया कि स्टोर से संबंधित कुछ प्रविष्टियां लंबित हैं, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
कलेक्टर ने मेडिकल ऑफिसर को निर्देश दिए कि स्टोर से जुड़ी सभी लंबित प्रविष्टियों को तत्काल पूर्ण किया जाए और दवाओं की प्राप्ति एवं खपत (रिसीविंग एवं कंजम्पशन) से संबंधित जानकारी नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में रिकॉर्ड संधारण और ऑनलाइन डेटा अपडेट करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे योजनाओं और सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।

ऑनलाइन एंट्री पोर्टल की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी प्रकार की सूचनाएं निर्धारित समय पर पोर्टल पर अपडेट की जाएं। उन्होंने कहा कि डेटा एंट्री में लापरवाही से योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन प्रभावित होता है, इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सभी सुविधाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए नियमित निगरानी की जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के.वी., मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. आर्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री भरत सिंह राजपूत सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर के निरीक्षण से स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में सक्रियता देखी गई।