सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा समय-सीमा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. आर्य एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री भरत सिंह राजपूत ने विकासखंड मालथोन के आंगनवाड़ी केंद्र बड़ोदिया में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच तथा पोषण संबंधी गतिविधियों का विस्तृत अवलोकन किया।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आंगनवाड़ी केंद्र में संचालित स्वास्थ्य एवं पोषण गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने टीकाकरण कार्य, गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन, बच्चों के वजन मापन, पोषण स्तर की निगरानी तथा पूरक पोषण आहार वितरण व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शशि तिर्की, आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला उपस्थित रहा। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
वीएचएनडी सत्र के दौरान कुल 6 बच्चों का नियमित टीकाकरण किया गया। इनमें दो बच्चों को प्रथम डोज, दो बच्चों को द्वितीय डोज तथा दो बच्चों को निर्धारित अन्य टीके लगाए गए। इसके अतिरिक्त तीन बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई गई तथा 15 बच्चों को आयरन सिरप प्रदान किया गया, जिससे बच्चों में एनीमिया और कुपोषण की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।

मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत इस सत्र में छह गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कर उनका प्रथम एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) परीक्षण किया गया। वहीं तीन अन्य गर्भवती महिलाओं का द्वितीय एएनसी चेकअप किया गया। अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं से संवाद कर उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
सीएमएचओ डॉ. जे.पी. आर्य ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य परीक्षण मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन और निर्धारित जांच सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की कोई भी गर्भवती महिला एएनसी जांच से वंचित न रहे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री भरत सिंह राजपूत ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि बच्चों के पोषण स्तर की नियमित निगरानी की जाए तथा कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने पूरक पोषण आहार वितरण की गुणवत्ता बनाए रखने और हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के मैदानी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि वीएचएनडी सत्र ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी वीएचएनडी सत्रों का नियमित आयोजन किया जाए तथा स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंच सके।