विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर विद्यार्थियों ने ली नशामुक्ति की शपथ !

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सागर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की छात्र एवं छात्रा इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में शपथ एवं व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की शुरुआत तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने तथा समाज में इसके खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने की सामूहिक शपथ के साथ हुई। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने स्वयं नशामुक्त रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं तंबाकू से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग यदि नशामुक्त जीवन अपनाए तो स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता कन्या महाविद्यालय सागर की डॉ. स्वर्णलता तिवारी ने तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों, श्वसन संबंधी विकारों तथा मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्टों के अनुसार तंबाकू सेवन विश्वभर में लाखों लोगों की असमय मृत्यु का प्रमुख कारण है।

डॉ. तिवारी ने विद्यार्थियों को बताया कि धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों का उपयोग न केवल सेवन करने वाले व्यक्ति बल्कि उसके आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के नशे की शुरुआत न करें और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं।

राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अवधेश प्रताप सिंह एवं डॉ. अभिलाषा जैन ने अपने उद्बोधन में तंबाकू मुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि युवाओं की जागरूकता और सहभागिता से ही समाज में नशामुक्ति का प्रभावी अभियान चलाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए अपने आसपास के लोगों को भी तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में खेल प्रभारी श्री सुरेन्द्र यादव ने कहा कि खेल और योग जैसी सकारात्मक गतिविधियां युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वहीं गणित विभाग के डॉ. संजय कुमार ने तंबाकू सेवन के सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने तंबाकू निषेध से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की और नशामुक्त समाज निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने की प्रेरणा मिली।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए सक्रिय योगदान देने तथा स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प लिया। महाविद्यालय के स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाया।

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