सागर।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत चल रही दावे-आपत्तियों (फार्म-7) की प्रक्रिया को लेकर शुक्रवार को सागर में मुस्लिम समाज के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। समाजजनों ने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान जारी मतदाता सूची में मुस्लिम समाज के नाम तो शामिल हैं, लेकिन दावे-आपत्तियों के दौर में सुनियोजित तरीके से उनके नामों पर फर्जी आपत्तियां लगाई जा रही हैं, ताकि उनके नाम वोटर लिस्ट से हटवाए जा सकें।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे मुफ्ति अबरार उल हक ने नायाब तहसीलदार प्रतीक रजक को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि मुस्लिम समाज शुरू से ही एसआईआर की प्रक्रिया का समर्थन करता आ रहा है और आगे भी करेगा, लेकिन वर्तमान में मिल रही शिकायतें गंभीर चिंता पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों से लगातार जानकारी मिल रही है कि केवल मुस्लिम नामों पर ही झूठी आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं।

मुफ्ति अबरार उल हक के अनुसार, शिकायतें मिलने के बाद जब शहर में सर्वे कराकर स्थिति का आकलन किया गया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि करीब 7 से 10 हजार मुस्लिम मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि एक बीएलओ से मिली जानकारी के अनुसार उनके पास लगभग 250 ऐसे नाम हैं, जिन पर आपत्तियां दर्ज हैं और वे सभी मुस्लिम मतदाता हैं। इसी तरह एक मोहल्ले में मौजूद 96 मुस्लिम मतदाताओं के सभी नामों पर फर्जी आपत्तियां लगाए जाने की बात सामने आई है।
इस दौरान समाजजन हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सर्वे में सामने आए आंकड़े भय पैदा करने वाले हैं और यह पूरा मामला मुस्लिम समाज को जानबूझकर फंसाने, उनके नाम मतदाता सूची से हटाने और उनके वोट बैंक को कमजोर करने की सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। समाज का आरोप है कि इसके पीछे राजनीतिक दलों या असामाजिक तत्वों की भूमिका हो सकती है।

मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि जब बीएलओ से आपत्तियों के संबंध में जानकारी मांगी गई, तो स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने मांग की कि आपत्तियों का पूरा विवरण संबंधित मतदाताओं को उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे समय रहते अपना पक्ष रख सकें।
मुफ्ति अबरार उल हक ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने, फर्जी आपत्तियां लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पूरा भरोसा रखता है और किसी भी तरह से मताधिकार से वंचित किए जाने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं करेगा।