छतरपुर। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पठापुर रोड में सोमवार सुबह सनसनीखेज मामला सामने आया, जहाँ 30 वर्षीय युवक महेश कुशवाहा का शव उसके कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बंद कमरे का दरवाज़ा तोड़कर शव को नीचे उतारा। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिजनों ने हत्या की आशंका जताकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

महेश कुशवाहा गल्ला मंडी निवासी था। उसकी शादी वर्ष 2017 में ज्योति कुशवाहा से हुई थी और वह शादी के बाद से अपने ससुराल पक्ष के साथ ही रह रहा था। रविवार रात करीब 11 बजे वह घर लौटा और कमरे की चाबी लेकर पत्नी को साथ ले जाए बिना अपने कमरे में सोने चला गया। सोमवार सुबह 9 बजे तक जब उसने दरवाजा नहीं खोला और फोन कॉल का जवाब नहीं दिया तो शक होने पर उसके ससुर अनंतराम कुशवाहा ने खिड़की से झांककर देखा तो महेश फांसी पर लटका हुआ था।
घटना की सूचना मिलते ही घर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। पुलिस प्रारंभिक रूप से इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन परिजनों के आरोपों ने जांच का रुख बदल दिया है।
मृतक के चाचा मोहनलाल कुशवाहा ने हत्या की आशंका जताते हुए कहा कि घटना संदिग्ध है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर महेश की अपनी गाड़ी मौजूद नहीं थी, जबकि किसी अन्य व्यक्ति की प्लैटिना मोटरसाइकिल कमरे के पास खड़ी थी। इसके अलावा, महेश का शव घुटनों के बल फांसी पर लटका मिला, जो सामान्य आत्महत्या के मामलों में कम ही देखा जाता है। चाचा ने आशंका जताई कि किसी ने महेश की हत्या कर उसे फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की है।
फिलहाल पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और घटनास्थल की भी बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। वहीं, परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर तरह–तरह की चर्चाएं चल रही हैं। अब सभी की निगाहें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और दिल दहला देने वाला सच छुपा है।