जिले में किसानों को बेहतर, पारदर्शी एवं व्यवस्थित उपार्जन व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार राजस्व अधिकारियों द्वारा उपार्जन केंद्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। इस निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी मापदंडों का पूर्णतः पालन किया जाए।
इसी क्रम में जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें केंद्रों की व्यवस्थाओं, तौल प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं तथा रिकॉर्ड संधारण की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुधार हेतु संबंधित केंद्र प्रभारियों को निर्देश भी दिए।

सबसे पहले खरीदी केंद्र भैसवाही का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यहां केंद्र प्रभारी द्वारा टेंट, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं संतोषजनक रूप से सुनिश्चित की गई हैं। किसानों के लिए छाया की पर्याप्त व्यवस्था, बैठने की सुविधा तथा तौल प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा था। अधिकारियों ने इन व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और केंद्र प्रभारी को निर्देशित किया कि इसी प्रकार भविष्य में भी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से बनाए रखी जाएं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके पश्चात पामाखेड़ी समिति का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यहां एक महत्वपूर्ण कमी सामने आई, जिसमें टेंट की व्यवस्था उपलब्ध नहीं पाई गई। इस पर अधिकारियों ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए समिति प्रभारी को तत्काल प्रभाव से टेंट लगाने और किसानों के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण की जानी चाहिए।

तहसील बीना अंतर्गत भानगढ़ खरीदी केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। यहां तौल प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था तथा रिकॉर्ड संधारण की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने पाया कि केंद्र पर कार्य सामान्य रूप से संचालित हो रहा है, हालांकि कुछ व्यवस्थाओं में और सुधार की आवश्यकता बताई गई, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त रामपुर, बीना-इटावा, पुरैना, बिलाखना एवं वेयरहाउस बिहरना स्थित उपार्जन केंद्रों का भी निरीक्षण किया गया। इन केंद्रों पर भी किसानों की सुविधाओं, तौल की पारदर्शिता, अनाज भंडारण की सुरक्षा एवं रिकॉर्ड प्रबंधन की स्थिति का आकलन किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर तौल प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए तथा किसानों को समय पर उनकी उपज का उचित मूल्य और रसीद उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इसी क्रम में बलेह केंद्र क्रमांक-2, चौरई वेयरहाउस चौरई तथा गढ़ाकोटा क्षेत्र के खरीदी केंद्रों का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि शासन द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर और प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी नियमित रूप से उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं की सतत निगरानी रखें। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुचारू और व्यवस्थित बनी रहे।
इस निरीक्षण अभियान से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि शासन किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और उपार्जन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।