शुक्रवार को सप्ताह के अंतिम दिन कृषि उपज मंडी में मक्का और सोयाबीन के भावों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। जहां मक्का के बढ़े भाव ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी, वहीं सोयाबीन की गिरती कीमतों ने किसान समुदाय को निराश किया।
मंडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को 8500 क्विंटल मक्का की आवक हुई। गुरुवार की तुलना में मक्का के भाव में 25 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद मक्का का भाव 1750 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। बढ़ते भाव को लेकर किसान संतुष्ट दिखे और इसे आगामी दिनों में बढ़ती आवक का संकेत बताया।

वहीं दूसरी ओर, सोयाबीन की आवक मात्र 309 क्विंटल रही। गुरुवार के मुकाबले सोयाबीन के भाव में 220 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आई, जिसके चलते इसका भाव घटकर 3975 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। इस गिरावट से सोयाबीन उत्पादक किसान मायूस दिखे।
किसान बृजेश सिंह ने बताया कि “मक्का का भाव धीरे-धीरे सुधर रहा है। इससे आने वाले समय में मक्का की आवक भी बढ़ेगी। लेकिन सोयाबीन के दाम कम होने से किसान काफी निराश हैं।”
दरअसल, इस वर्ष लगातार अतिवर्षा के कारण सोयाबीन की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई। दानों में दाग लगने से गुणवत्ता पर असर पड़ा और बाजार में अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे। इसके बावजूद किसान भावांतर योजना का लाभ लेने के लिए मौजूदा कम भाव पर भी सोयाबीन मंडी में बेच रहे हैं।
मंडी में दो प्रमुख फसलों के विपरीत रुख ने एक बार फिर कृषि बाजार की अनिश्चितता को सामने रखा है। किसान अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि आगामी हफ्ते में दोनों फसलों के भाव स्थिर स्तर पर पहुंचें, जिससे उन्हें राहत मिल सके।