बीना रिफाइनरी के नो डेवलपमेंट जोन में बेस कैंप बनाकर कार्य कर रही कंपनियों को बड़ा झटका लगा है। क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति ने एसडीएम कार्यालय में हुई बैठक में सभी आवेदन खारिज कर दिए। समिति ने स्पष्ट किया कि नो डेवलपमेंट जोन में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक या निर्माण गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पुराने आदेश का हवाला
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2009 में तत्कालीन कलेक्टर द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किया गया था, जिसके अनुसार रिफाइनरी के चारों ओर 1 किलोमीटर क्षेत्र निषिद्ध और 5 किलोमीटर क्षेत्र नो डेवलपमेंट जोन घोषित किया गया है। इसी आदेश का हवाला देते हुए समिति ने बेस कैंप निर्माण की अनुमति देने से इनकार किया।

कंपनियों ने किए आवेदन
बेस कैंप निर्माण के लिए कई कंपनियों और व्यक्तियों ने आवेदन प्रस्तुत किए थे, जिनमें शामिल हैं—
वीआरसी, आरएसबी, जतन कंस्ट्रक्शन प्रा.लि., आयरन ट्रायंगल, एसआरआर, अमित मलिक, हरेराम साहू, विकास अंग्रेजसिंह, विक्रम विश्वनाथ बिंद, रीत कंस्ट्रक्शन कंपनी, वंश कंस्ट्रक्शन कंपनी, मुकेश कुमार जैन, बाबूलाल जैन और अन्य।
बिना अनुमति बेस कैंप बनाने वाली कंपनियों पर कार्रवाई
बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ कंपनियां प्रशासनिक अनुमति के बिना ही रिफाइनरी के चारों ओर बेस कैंप लगाकर कार्य कर रही हैं। ऐसे सभी कैंपों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और निर्धारित समय-सीमा में इन्हें हटाने के निर्देश दिए जाएंगे।

आदेश का पालन नहीं होने पर बलपूर्वक कार्रवाई
क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति ने कहा कि आदेश का पालन न होने पर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचकर बलपूर्वक कैंप हटाने की कार्रवाई करेगा। बीना रिफाइनरी विस्तार परियोजना की प्रक्रिया तेज होने के कारण बड़ी संख्या में बाहरी कंपनियां इस क्षेत्र में पहुंची हैं। कई कंपनियों ने रिफाइनरी की बाउंड्री के पास अस्थायी कैंप स्थापित कर लिए हैं, जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर खतरा माना जा रहा है।
समिति और सुरक्षा
क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति में एसडीएम, एसडीओपी, थाना प्रभारी, सीएमओ, सीईओ और रिफाइनरी का प्रतिनिधि शामिल हैं। विधायक निर्मला सप्रे ने कहा कि नियमित बैठकें नहीं होने के कारण रिफाइनरी की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है।
क्षेत्रीय विकास नियंत्रण समिति का यह निर्णय रिफाइनरी की सुरक्षा और नो डेवलपमेंट जोन के नियमों की पालना सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।