खुरई (सागर): खुरई नगर के गांधी वार्ड में नए साल की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब राजस्व विभाग में लोकल यूथ सर्वेयर के रूप में कार्यरत एक युवक ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह परिजनों ने उसका शव फंदे पर लटका हुआ देखा, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
मृतक की पहचान बृजेंद्र सिंह (पिता मन्नूलाल सिंह ठाकुर) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से खुरई देहात थाना क्षेत्र के झारई गांव का निवासी था और वर्तमान में शहरी थाना क्षेत्र के गांधी वार्ड में अपने परिवार के साथ रह रहा था। बृजेंद्र सिंह बिलैया गांव में राजस्व विभाग में लोकल यूथ सर्वेयर के पद पर कार्यरत था।

नए साल की पार्टी के बाद उठाया कदम
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात बृजेंद्र सिंह अपने दोस्तों के साथ नववर्ष की पार्टी में शामिल हुआ था, जहां उसने शराब का सेवन भी किया। पार्टी से लौटने के बाद वह घर पहुंचा और ऊपर वाले कमरे में सोने चला गया, जबकि नीचे के कमरे में उसकी पत्नी और बच्चे सो रहे थे।
शुक्रवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को संदेह हुआ। ऊपर जाकर देखने पर उन्होंने बृजेंद्र सिंह को फांसी के फंदे पर लटका पाया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।

पुलिस ने किया मर्ग कायम
सूचना मिलते ही खुरई शहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई की। शव को सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
शराब के नशे में कदम उठाने की आशंका
मामले की जांच कर रहे प्रधान आरक्षक विजय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक ने पार्टी के दौरान अधिक शराब का सेवन किया था। आशंका जताई जा रही है कि उसने नशे की हालत में यह कदम उठाया, हालांकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। परिजनों और परिचितों से पूछताछ भी की जा रही है।
परिवार में पसरा मातम
घटना के बाद मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी और बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मोहल्ले में भी शोक का माहौल है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया।
यदि कोई मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रहा है, तो सहायता लेना बेहद जरूरी है। ऐसे समय में परिवार, मित्रों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना जीवन बचा सकता है।