छतरपुर: नववर्ष 2026 की शुरुआत छतरपुर जिला अस्पताल में खुशियों और उम्मीदों के साथ हुई। 1 जनवरी को 24 घंटे के भीतर जिला अस्पताल में कुल 36 नवजातों ने जन्म लिया। यह अवधि 31 दिसंबर की रात 12 बजे से 1 जनवरी की रात 12 बजे तक की रही। इनमें से 24 बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ, जबकि 12 बच्चों का जन्म ऑपरेशन (एलएससीएस) के माध्यम से कराया गया।
नववर्ष के पहले दिन इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के जन्म से अस्पताल परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल कर्मचारियों ने नवजातों के स्वागत में केक काटकर खुशियां मनाईं और एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। अस्पताल में गूंजती नवजातों की किलकारियों ने नए साल के स्वागत को खास और यादगार बना दिया।

अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी नवजात और उनकी माताएं पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल, पोषण और निगरानी उपलब्ध कराई जा रही है। नवजात शिशु वार्ड और प्रसव कक्ष में सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की गईं।
इस अवसर पर ड्यूटी पर डॉ. सुरेखा खरे, डॉ. गायत्री नामदेव, डॉ. उमाशंकर पटेल सहित नर्सिंग स्टाफ में आभा श्रीवास्तव, वर्षा चतुर्वेदी, रजनी शर्मा, पूजा साहू एवं समस्त सहयोगी स्टाफ मौजूद रहा। सभी ने आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नववर्ष के पहले दिन कार्यभार अपेक्षाकृत अधिक था, लेकिन पूरी टीम ने समर्पण और टीमवर्क के साथ सेवाएं दीं। नर्सिंग स्टाफ ने प्रसव कक्ष से लेकर वार्ड तक व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संभाला, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।
जिला अस्पताल में नए साल के पहले ही दिन 36 बच्चों का जन्म होना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की सक्रियता और कार्यक्षमता को दर्शाता है, बल्कि इसे जिले के लिए एक शुभ संकेत भी माना जा रहा है। नवजातों की किलकारियों के साथ छतरपुर जिला अस्पताल में वर्ष 2026 की शुरुआत एक सकारात्मक और उल्लासपूर्ण संदेश के साथ हुई।DEVELOPER MODE