ग्वालियर, मध्यप्रदेश: ग्वालियर में एडवोकेट अनिल मिश्रा को क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में पेश किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र को जलाया और अपमानजनक नारे लगाए। इस मामले में साइबर सेल थाने में कल अनिल मिश्रा समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में अनिल मिश्रा समेत चार आरोपियों को देर रात गिरफ्तार किया गया था। ग्वालियर के स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखा गया है और मामले की जांच जारी है।

इस दौरान, कोर्ट परिसर में अनिल मिश्रा के समर्थक भी पहुंचे और नारेबाजी की। हालांकि, पुलिस ने समर्थकों को कंट्रोल और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क किया।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि मामला सामाजिक और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला होने के कारण इसे गंभीरता से लिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सख्ती से की जाएगी, और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी।
साइबर सेल थाने में दर्ज FIR में कहा गया है कि अनिल मिश्रा और अन्य आरोपियों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से ऐसे कार्य किए, जिससे सामाजिक तनाव और विरोधाभास उत्पन्न हुआ।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस घटना ने क्षेत्र में साम्प्रदायिक संवेदनशीलता को बढ़ा दिया है और प्रशासन को इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उक्त विषय के अनुसार विस्तार से खबर बनाए